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मैनेजर संजना के चलते कारोबारी गुलशन की आखिरी इच्छा रह गई अधूरी,बेटी बनना चाहती थी फैशन डिजाइनर

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गाजियाबाद। बीते मंगलवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम के वैभवखंड स्थित कृष्णा अपरा सोसायटी में सुबह कारोबरारी ने अपने दो बच्चों की हत्या कर महिला मैनेजर और पत्नी के साथ आठवीं मंजिल की बॉलकनी से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। इसके बाद बुधवार को पूरे परिवार का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन मृतक कारोबारी के एक आखिरी इच्छा रह गई, जिसे उसने दीवार पर लिखकर जाहिर किया था।

पांचों शवों का नहीं हो सका एक साथ अंतिम संस्कार

पांचों शवों का नहीं हो सका एक साथ अंतिम संस्कार

मृतक गुलशन की आखिरी इच्छा उसकी मैनेजर संजना के कारण पूरी नहीं हो पाई। कारोबारी गुलशन, पत्नी परमीना, बच्चे रितिक और कृतिका का गाजियाबाद के हिंडन शमशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। जबकि संजना का शव उसके परिजन लेकर चले गए। इस कारण से पांचों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। जबकि गुलशन ने दीवार पर लिखा था कि पांचों शवों का क्रिया-कर्म एक साथ हो।

मैनेजर संजना के परिजन शव को साथ ले गए

मैनेजर संजना के परिजन शव को साथ ले गए

हालांकि मृतक संजना का धर्म अलग होने से परिजन उसका शव दफनाने के लिए अपने साथ ले गए और इस तरह गुलशन की आखिरी इच्छा पूरी नहीं पाई। पुलिस के अनुसार संजना दूसरे समुदाय की थी, जिसने अपना नाम गुलशन अहमद से संजना कर लिया था। बता दें कि गुलशन अपनी पत्नी और संजना के साथ फांसी लगाकर जान देने वाला था। लेकिन ऐन वक्त पर उसने अपनी योजना बदल दी और छलांग लगाकर खुदकुशी की।

ऐन वक्त पर बदली खुदकुशी की तरकीब

ऐन वक्त पर बदली खुदकुशी की तरकीब

पुलिस ने बताया कि घर में सिर्फ एक ऐसी जगह था, जहां फंदा लटकाया जा सकता था। ऐसे में तीनों के मरने की योजना सफल नहीं होती इसलिए उन्होंने आत्महत्या का तरीका ही बदल दिया। उन्होंने फांसी लगाने की जगह फ्लैट से कूदकर आतम्हत्या कर ली। करोड़ोंरुपये के नुकसान के चलते जींस कारोबारी गुलशन कई सालों से घाटे से उबरने की कोशिक कर रहा था। लेकिन कुछ दिन पहले कोलकाता की कंपनी में 60 लाख डूबने पर वह पूरी तरह से टूट गया।

दिन में गार्ड को बांटे थे कंबल

दिन में गार्ड को बांटे थे कंबल

गुलशन ने जिस रात खुदकुशी करने का फैसला गया उसकी दिन की शुरुआत चौंकाने वाली थी। दिन में उसने गार्ड, मेड व सोसायटी के अन्य कर्मचारियों को जैकेट व कंबल बांटे। शाम को घर में बने मंदिर में परिवार के साथ पूजा-अर्चना की और रात में सब कुछ खत्म कर डाला। क्राइम सीन पर गौर करें तो गुलशन नहीं चाहता था कि परिवार का कोई भी सदस्य जिंदा बचे। इसके लिए उसने मौत को गले लगाने के कई तरीके सोच लिए थे।

बेटी बनना चाहती थी फैशन डिजाइनर

बेटी बनना चाहती थी फैशन डिजाइनर

इस मामले में कारोबारी की बेटी के दोस्तों ने भी खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कृतिका को काफी फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद आया। दोस्तों का कहना है कि उन्होंने कृतिका की मम्मी को भी फोन किया तो उनका मोबाइल भी बंद मिला। इसके बाद उन्होंने सुबह कॉल किया तो एसएचओ ने घटना की जानकारी दी। दोस्तों का कहना है कि कृतिका फैशन डिजाइनर बनना चाहती थी। कृतिका बहुत ही हिम्मती थी और हमेशा खुश रहती थी।

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English summary
ghaziabad suicide murder case gulshan last wish remain
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