Ghaziabad: पथरी के ऑपरेशन के दौरान चली गई थी मरीज की जान, अब स्वास्थ्य विभाग ने सील किया स्पर्श हॉस्पिटल
गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग ने शालीमार गार्डन स्थित स्पर्श हॉस्पिटल को सील कर दिया है। दरअसल, पथरी के ऑपरेशन कराने आए एक मरीज की मौत हो गई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की।

Ghaziabad के शालीमार गार्डन इलाके में स्थित स्पर्श हॉस्पिटल को बुधवार 05 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया। साथ ही, इस हॉस्पिटल का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया गया है। दरअसल, यहां पथरी का ऑपरेशन कराने आए मरीज रोहित की मौत हो गई थी।
रोहित के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल में हंगामा किया था और इस मामले की शिकायत CMO से की थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए हॉस्पिटल पहुंची। टीम ने रोहित के शव कब्जे में लेकर मंगलवार की शाम पांच बजे पोस्टमार्टम किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में रोहित के यूरेथ्रा (पेशाब की नली) में पथरी फंसी मिली है। डॉक्टरों के पैनल ने स्वैब, पथरी का अंश और बिसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है।
खबर के मुताबिक, एमसीडी कर्मचारी लीलू पारचा ने अपने 30 वर्षीय बेटे रोहित के पेट में दर्द उठा तो 10 दिन पहले उसे शालीमार गार्डन स्थित स्पर्श अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके रोहित की पित्त की थैली को निकाल दिया।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रोहित घर पहुंचा, लेकिन उसकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद सोमवार को फिर से स्पर्श अस्पतला में उसे भर्ती कराया गया था। खबर के मुताबिक, सोमवार रात रोहित की मृत्यु हो गई। जिसके बाद रोहित के परिजनों इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रोहित के शव कब्जे में लेकर मंगलवार की शाम पांच बजे तीन सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में युवक के यूरेथ्रा (पेशाब की नली) में पथरी फंसी मिली है।
पैनल ने स्वैब, पथरी का अंश और बिसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। तो वहीं, सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऑपरेशन के दौरान मौत को लापरवाही मानते हुए स्पर्श अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
Recommended Video

कहा कि अगर जांच में डॉक्टरों की लापरवाही पाई गई तो पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच समिति ने अस्पताल प्रबंधन और मृत युवक के परिजनों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने को कहा है।
इतना ही नहीं, सीएमओ ने बताया कि पथरी के ऑपरेशन में युवक की मौत कैसे हुई, इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है, अपनी जांच रिपोर्ट 15 दिन में देगी।












Click it and Unblock the Notifications