• search
गाजियाबाद न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

गाजियाबाद: सेवा विला डे सोसायटी में रहने वालों को लगा झटका, इस वजह से खाली करने होंगे 42 फ्लैट

|
Google Oneindia News

गाजियाबाद, 22 फरवरी: सेवा विला डे सोसायटी में रहने वाले लोगों को उस वक्त जोर का झटका लगा, जब उन्हें पता चला कि जिस फ्लैट में वह रह रहे है उन्हें वो खाली करना है। अब वो अपने फ्लैट बचाने के लिए रेजिडेंट्स जिला प्रशासन के पास मदद मांगने पहुंचे हैं। दरअसल, सेवा विला डे सोसायटी में रहने वालों ने जब फ्लैट खरीदे थे उस वक्त उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि बिल्डर ने इन फ्लैटों पर पहले से ही लोन लिया हुआ है।

क्या है पूरा मामला

क्या है पूरा मामला

दरअसल, सेवा विला डे सोसायटी के बिल्डर मैसर्स एसेंट बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड ने खसरा संख्या 990, 992, 993, 994, 995 और 996 ग्राम नूरनगर सिहानी, राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद पर रिलायंस होम फाइनैंस लिमिटेड के पास बंधक रखकर लोन लिया था। बिल्डर ने इस जमीन पर फ्लैट बनाकर बेच दिए। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने जिस खसरा संख्या पर लोन लिया था वो जमा नहीं किया।

रिलायंस होन फाइनैम से जिला प्रशासन में की अपील

रिलायंस होन फाइनैम से जिला प्रशासन में की अपील

लोगों ने इन फ्लैटों को बैंक से लोन लेकर खरीदा और रहना शुरू कर दिया था। लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि बिल्डर ने जिस खसरा संख्या के ऊपर ये फ्लैट बनाए है उस पर लोन है। 5 साल बाद जब बिल्डर ने लोन नहीं चुकाया तो उस जमीन पर कब्जा लेने के लिए लोन देने वाले कंपनी ने जिला प्रशासन में अपील की। जिला प्रशासन ने ही सरफेसी एक्ट के तहत बंधक संपत्ति पर भौतिक रूप से कब्जा करने का आदेश जारी कर दिया।

122 फ्लैट पर चस्पा किया नोटिस

122 फ्लैट पर चस्पा किया नोटिस

जिला प्रशासन से आदेश मिलने के बाद बिल्डर को लोन देने वाली कंपनी ने 122 फ्लैट पर पजेशन लेने का नोटिस चस्पा कर दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि लोन देने वाली कंपनी ने 122 फ्लैट की सूची प्रशासन को दी है। इसमें से अभी 80 फ्लैट निर्माणाधीन है जबकि 42 फ्लैटों में लोग 5 साल से रह रहे हैं। वहीं, फ्लैट खाली करने का नोटिस मिलने के बाद लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

लोगों ने बिल्डर पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप

लोगों ने बिल्डर पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप

सेवा विला डे सोसायटी में रहने वाले लोगों की मानें तो उन्होंने फ्लैट के ऊपर लोन लिया है, जिसकी ईएमआई वो समय से अदा कर रहे हैं। यहां सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि एक ही प्रॉपर्टी पर दो-दो लोन बैंक ने दिए हैं। इसकी कोई पड़ताल नहीं की गई। तो वहीं, लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बिल्डर के द्वारा धोखाधड़ी करके फाइनैंस कंपनी से लोन होने के बावजूद हम सभी को अंधेरे में रखकर फ्लैट बेचा गया है। इस पूरे मामले कि जांच कराकर हमें राहत देने के साथ बिल्डर सुरेश गोगिया और उमेश कुमार बुद्धिराजा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

जांच रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी कार्रवाई: एडीएम

जांच रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी कार्रवाई: एडीएम

एडीएम फाइनैंस विवेक श्रीवास्तव की मानें तो सेवी विला डे सोसायटी के निवासियों की तरफ से उनके साथ धोखाधड़ी की शिकायत दी गई है। इस मामले को जांच के लिए सिटी मैजिस्ट्रेट के पास भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


ये भी पढ़ें:- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में पूर्व दरोगा धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज हुई FIR, आय से अधिक संपत्ति का है मामलाये भी पढ़ें:- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में पूर्व दरोगा धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज हुई FIR, आय से अधिक संपत्ति का है मामला

Comments
English summary
Ghaziabad: 42 families living in Savy Villa De Society will have to vacate the flat
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X