ghaziabad: परिणय सूत्र के बंधन में बंधे 3003 जोड़े, 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के तहत संपन्न हुआ आयोजन

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में श्रम विभाग द्वारा संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 3003 कन्याओं का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आज संपन्न हो गया। "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" के अन्तर्गत विभिन्न समुदाय एवं धर्मों के रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराया जाता है। आज इसी योजना के अंतर्गत गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर से आए अलग-अलग समुदाय के जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे रीती रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।

3003 जोड़ो का सामूहिक विवाह संपन्न

3003 जोड़ो का सामूहिक विवाह संपन्न

बता दें कि समाज में सर्वधर्म-समभाव तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" संचालित है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न समुदाय एवं धर्मों के रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि विवाह उत्सव में होने वाले अनावश्यक प्रदर्शन एवं अपव्यय को समाप्त किया जाए और गरीब परिवार के जोड़ों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराइ जाए।
इसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कमला नेहरू पार्क में गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर के 3003 जोड़ो का माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप सामूहिक विवाह समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंत्री श्रम एवं सेवायोजन अनिल राजभर, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जनरल वीके सिंह एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इन सभी अतिथियों ने नव-विवाहित वर-वधुओ को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। आज के इस पावन अवसर पर गाजियाबाद के 1654 जोड़ें, हापुड़ के 794 जोड़ें और बुलंदशहर के 555 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित हुआ। इनमे से 1850 हिंदू समुदाय, 1147 मुस्लिम समुदाय, 03 बौद्ध समुदाय और 3 सिक्ख समुदाय के नव-विवाहित वर-वधू की शादी माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप संपन्न करायी गई।

कन्यादान सबसे बड़ा एवं पवित्र दान

कन्यादान सबसे बड़ा एवं पवित्र दान

इस अवसर पर अनिल राजभर ने कहा कि गरीब कल्याण के प्रति केंद्र एवं प्रदेश सरकार के सहयोग से सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन गरीब तबके के लोगों के लिए किया जाता है, जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है, वह न किसी जाति विशेष और न किसी मजहब की होती है अपितु वह तो इन सबसे ऊपर होती है। आज का भव्य सामूहिक विवाह आयोजन जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संसार में कन्यादान सबसे बड़ा एवं पवित्र दान माना गया है। जिसने गरीब की पीड़ा को सही से देखा है वही उनके सुख-दुख में उनके साथ रह पाएगा। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा यह बीड़ा उठाया गया है। श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोड़ा गया ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद तक सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ श्रमिकों तक पहुंचाया जा सके।

एक ही छत के नीचे सर्वधर्म व संप्रदाय के विवाह संपन्न

एक ही छत के नीचे सर्वधर्म व संप्रदाय के विवाह संपन्न

मंत्री अनिल राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प को याद दिलाते हुए बताया कि सरकार के इस कदम से देश के अंदर स्वाधीनता का लाभ समाज में अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को प्राप्त हुआ है। उन्होंने सामूहिक विवाह की महत्वता बताते हुए कहा कि इस तरह के समारोह में न कोई दहेज और न ही कोई अन्य आर्थिक लेन-देन की प्रक्रिया होती है। साथ ही समाज में व्याप्त रूढ़ीवादी परंपराओं पर सामूहिक विवाह अंकुश लगाने में कारगर सिद्ध हुआ है। जहां एक ही छत के नीचे सर्वधर्म व संप्रदाय के विवाह संपन्न कराए जाते हैं। जिससे समाज में समरसता का भाव फैलता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह केवल एक योजना है इसके अलावा श्रम विभाग की ऐसी कई योजनाएं हैं, जिनसे श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा इतने बड़े स्तर पर 3003 जोड़ों का सामूहिक विवाह इस बात का प्रतीक है कि सरकार जरूरतमंदों के लिए काम कर रही है।

सारा खर्चा श्रम विभाग द्वारा किया जाता है

सारा खर्चा श्रम विभाग द्वारा किया जाता है

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जनरल वीके सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत आज गाजियाबाद में 3003 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। सामूहिक विवाह योजना में जो भी खर्चा होता है वह श्रम विभाग द्वारा किया जाता है, जिसके अंतर्गत ₹10000 विवाहित जोड़ों के पोशाक हेतु व ₹65000 सीधे विवाहित जोड़ों के खाते में जाते हैं, जिससे कि वह अपनी जरूरत के हिसाब से विवाह के लिए सामान खरीद सकें। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है जिसके तहत गरीब अभिभावकों की पुत्रियों की शादी सामूहिक विवाह समारोह में कराई जाती है।

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