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गुजरात में इस सीट पर भाजपा पिछले 30 साल से नहीं हारी, क्या फिर मिलेगा परेश रावल को मौका

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Gujarat News in hindi, गांधीनगर। गुजरात में लोकसभा की अहमदाबाद ईस्ट सीट पर भाजपा पिछले 30 सालों से काबिज है। कांग्रेस ने खूब कोशिश की, मगर यहां उसे जीत नहीं मिल पाई। 2014 के चुनाव में ​फिल्म स्टार परेश रावल ने भाजपा से चुनाव लड़ा और सांसद बन गए।कांग्रेस के हिम्मतसिंह पटेल के मुकाबले उन्हें 3.26 लाख वोटों से जीत मिली थी। मगर, क्या इस बार फिर उन्हें यहां से टिकट मिलेगा, इसकी संभावना अब कम ही हैं।

परेश मोदी के करीबी चेहरों में से एक, मगर..

परेश मोदी के करीबी चेहरों में से एक, मगर..

एक वरिष्ठ भाजपा नेता के मुताबिक, परेश को अहमदाबाद ईस्ट सीट पर इस बार नहीं आजमाया जाएगा। भले ही परेश मोदी के करीबी चेहरों में से एक हैं। मगर, मतदाताओं की शिकायतों के चलते पार्टी उन्हें दुबारा मौका देने में हिचक रही है। लोगों ने समय-समय पर शिकायत की है कि वे अपने क्षेत्र में कामों को निपटाने के बजाए मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में व्यस्त रहे हैं।'

किसी का भी मोबाइल कॉल नहीं रिसीव करते?

किसी का भी मोबाइल कॉल नहीं रिसीव करते?

कई अधिकारी तो यहां तक कहते हैं कि परेश किसी का भी मोबाइल कॉल नहीं रिसीव करते हैं। अपने इलाके में चल रहे कामों में ध्यान नहीं दे पा रहे। ऐसे में किसी स्थानीय उम्मीदवार को टिकट देने की चर्चा शुरू हो गई हैं। बीते साल कई स्थानों पर ''हमारे अहमदाबाद के सांसद गुम हो गये हैं, ढूंढने पर इनाम मिलेगा'' लिखे पोस्टर्स देखने को मिले थे। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा एकम की राय पर पार्टी हाइकमांड परेश रावल को फिर से टिकट देने के मूड में नहीं हैं।

पिछले 30 सालों से भाजपा से नहीं हारी यहां

पिछले 30 सालों से भाजपा से नहीं हारी यहां

अहमदाबाद पूर्व की सीट पिछले 30 सालों से भाजपा से नहीं हारी है। 2009 के सीमांकन के बाद अहमदाबाद सीट को दो सीटों में विभाजित किया गया था। धोलका की बैठक को रद्द करके, चुनाव आयोग ने नई जनगणना के तहत अहमदाबाद पूर्व और अहमदाबाद पश्चिम सीट बनाई थी। अहमदाबाद की मूल सीट पूर्व है जिसमें कांग्रेस ने 1984 में आखिरी बार चुनाव जीता था। 1989 से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। 2014 में अहमदाबाद की दोनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार परेश रावल और डॉ. किरीट सोलंकी ही जीते थे।

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तो दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदलेंगे

तो दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदलेंगे

अब 2019 के लोकसभा चुनाव में अहमदाबाद के मतदाता और पार्टी चाहती हैं कि किसी भी बाहरी उम्मीदवार को टिकट न मिले। भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय इकाई को भी सूचित किया है कि इस बार स्थानीय उम्मीदवार को अहमदाबाद पूर्व से टिकट दिया जाना चाहिए। वहीं, सूत्र बता रहे हैं कि इस बार अहमदाबाद की दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदल रहे हैं। परेश रावल के स्थान पर, भाजपा एक पूर्व मेयर या स्थानीय नेता को टिकट दे सकती है, जबकि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रमन वोरा के नाम की अटकलें अहमदाबाद पश्चिम सीट पर चल रही हैं।

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English summary
In the 2104 Lok Sabha elections, actor Paresh Rawal had defeated Congress’s Himmatsinh Patel by over 3.26 lakh votes.
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