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भारत को घेरने के लिए पाकिस्तान की नई चाल, हरामीनाले के पास 55 km² जमीन चीन को दे दी

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गांधीनगर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।भारत को घेरने के लिए ऐसे में उसने एक और नई चाल चली है। पाकिस्तान ने कच्छ बॉर्डर पर हरामीनाले पास अपनी 55 वर्ग किमी जमीन चीनी कंपनी को दे दी है। यह जमीन चीनी कंपनी को लीज पर दी गई है। भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंगों में पाकिस्तान इस क्षेत्र में दो बार मात खा चुका था, इसलिए अब पाकिस्तान यहां चीन को जगह देकर उसे ढाल के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। उसे लगता है कि चीन की मौजूदगी के रहते भारत अब इधर कोई दुस्साहस नहीं करेगा। वहीं, दशकों से चीन भी भारत को घेरने में लगा हुआ है। कच्छ बॉर्डर के पास जमीन लीज पर लेने से पहले चीन पाक में कराची के पास स्थित ग्वादर पोर्ट भी विकसित करा चुका है। जिसका संचालन चीन ही करता है।

नाम से ही बदनाम है 'हरामी नाला'

नाम से ही बदनाम है 'हरामी नाला'

गुजरात के पश्चिमी तट से लगे सरक्रीक के 96 किलोमीटर के हिस्से पर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद है। बेहद दलदली होने के चलते इस इलाके की सीमा का निर्धारण हमेशा से चुनौती रहा है। इसी 96 किलोमीटर के इलाके में 22 किलो मीटर लंबा वह समुद्री चैनल भी है जो भारत एवं पाकिस्तान को विभाजित करता है। यह चैनल हमेशा अपनी धारा बदलने के लिए जाना जाता है और यह आतंकी, घुसपैठिए एवं तस्करों के लिए स्वर्ग माना जाता है। ऐसी ही गतिविधियों के कारण इसका नाम 'हरामी नाला' पड़ गया।

मुंबई में हमला करने यहीं से होकर आए थे आतंकी

मुंबई में हमला करने यहीं से होकर आए थे आतंकी

2008 में मुंबई हमले के लिए पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने यहीं से मछली पकड़ने वाली भारतीय बोट 'कुबेर' को अगवा कर लिया था, जिसके जरिए वे मुंबई में दाखिल हुए थे। इस इलाके से हाल में भी संदिग्ध पाकिस्तानी बोट पकड़े गए हैं और ऐसी घटनाएं अक्सर सुनने को मिलती हैं।

यहां मछली पकड़ने पर पाबंदी

यहां मछली पकड़ने पर पाबंदी

इस इलाके में मछली पकड़ने पर पाबंदी है, लेकिन प्रॉन (झींगा) और रेड सालमन मछलियों की बहुतायत होने के चलते दोनों देशों के मछुआरे वहां पहुंचने की कोशिश करते हैं।

भारत-पाक सीमा से भी 10 किमी दूर

भारत-पाक सीमा से भी 10 किमी दूर

एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने चीनी कंपनी को हरामीनाले से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित जमीन 55 वर्ग किमी भूमि दी है। यह जगह भारत-पाक सीमा से भी महज 10 किमी की दूरी पर है।

बीएसएफ और सरक्रीक के कमांडो करते हैं यहां गश्त

बीएसएफ और सरक्रीक के कमांडो करते हैं यहां गश्त

हरामीनाला 22 किमी फैला है, जिसे पाकिस्तानी सुरक्षाबल और आतंकी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। यहां बीएसएफ को बहुतों बार घुसपैठियों की नावें मिली हैं।

घुसपैठ के लिए सॉफ्ट टारगेट

घुसपैठ के लिए सॉफ्ट टारगेट

भारत-पाक बॉर्डर पर करीब 100 किलोमीटर में सरक्रीक पड़ता है। यहीं 22 किलोमीटर फैला समुद्री चैनल 'हरामी नाला' भी है, जो सभी तरह की खतरनाक गतिविधियों के लिए बदनाम है। पिछले दिनों एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि पाकिस्तानी आतंकी सरक्रीक इलाके के 'हरामी नाला' के जरिए भारत में घुस सकते हैं। 'हरामी नाला' के अलावा खावदा या आसपास के इलाकों को भी आतंकी अपना रास्ता बना सकते हैं।

पढ़ें: पूरे गिरोह के साथ गिरफ्तार हुआ चोरों का 'सुल्तान', अलग-अलग वारदातों में दर्ज हुए 75 मुकदमे

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English summary
Pakistan Gives 55 Sq Km Land To Chinese Firm Near Harami Nala
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