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वाइब्रेंट गुजरात: दिन-रात सुरक्षा कर रहे भूखे जवान, डेलीगेट्स के लिए बनाए 200 तरह के पकवान

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Gujarat News, गांधीनगर। 9वीं वाइब्रेंट गुजरात समिट के लिए महात्मा मंदिर में आने वाले डेलिगेट्स के लिए अच्छे से अच्छे होटलों और महंगे फूड का प्रबंध कराया गया है। सरकार ने बाकायदा 200 तक तरह के गुजराती एवं भारतीय पकवान भी तैयार कराए हैं। मगर, यहां इन हजारों लोगों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और अन्य जवानों के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं की गईं। उन्हें अच्छी क्वालिटी का भोजन नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में कई जवान तो ड्यूटी पर भूखे ही तैनात थे, क्योंकि उनको दिया गया खाना खाने के लायक नहीं था।

'हमसे अच्छा भोजन तो जेल में कैदी खा रहे'

'हमसे अच्छा भोजन तो जेल में कैदी खा रहे'

खराब खाने की शिकायतें सामने आने के बाद सूबे के पुलिस विभाग में सरकार के प्रति नाराजगी है। सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि वे वायब्रेंट समिट में 16 से 18 घंटे तक ड्यूटी बजाते हैं, लेकिन उन्हें ढंग का खाना भी नहीं दिया जा रहा। जबकि, समिट में जो बड़े-बड़े लोग हिस्सा ले रहे हैं उनके लिए एक से बढ़कर लजीज पकवान बनाए गए हैं। जो हमें खाने को दिया गया, उससे अच्छा भोजन तो हमारे कैदी भाइयों को जेल में मिलता है।

सिपाहियों ने फेंका खराब खाना

सिपाहियों ने फेंका खराब खाना

बता दें कि, वाइब्रेंट समिट के पास अलग-अलग कैटेगरी के लिये भोजन कक्ष बनाये गये हैं। डेलिगेट्स को आमंत्रित करके अच्छी होटल का मेनू दिया जाता है। हालांकि, पुलिस व सुरक्षा गार्ड्स के लिये जो खाने की व्यवस्था हुई है, उसे खराब क्वालिटी का बताया जा रहा है। ऐसे में कुछ सिपाहियों ने इन पैकेट्स को फेंक भी दिया। सिपाहियों ने बताया कि पैक्ड फूड में रोटी की स्थिति इतनी खराब थी कि इसे तोड़ना संभव नहीं था। खाने के पैकेट में सारा खाना ठंडा भी था। कई पुलिस कर्मी को भूखा रहना पडा। बताया जा रहा है कि जिन होटलों से यह खाना आया, उन्हें सरकार 250 रुपये प्रति पैकेट के हिसााब से भुगतान करती है।

घर से मंगवाना पड़ा खाना

घर से मंगवाना पड़ा खाना

पुलिस को घर से खाना लाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वाइब्रेंट के पहले दिन लंच में पुलिस को खाना परोसा गया। यह भी कहा गया कि पुलिस को रात्रि भोज भी दिया जाएगा, लेकिन रात्रिभोज काल कोई इन्तजाम नहीं देखा गया।

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3,000 से ज्यादा जवान कर रहे सुरक्षा-ड्यूटी

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वाइब्रेंट समिट में 3,000 से अधिक पुलिस कर्मी शामिल हैं। दिन-रात देखे बगैर वह अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। बैठने की भी मना है। राज्य सरकार के उद्योग विभाग ने कहा कि पुलिस के भोजन में एक मिठाई, दो सब्जियां, रोटी, सलाद, दाल और चावल होंगे, लेकिन भोजन के पैकेट में ऐसा नहीं है।

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English summary
Gujarat vibrant summit 2019: More than 3000 constables Deployed, waste-food Complaints rises
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