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गुजरात: रेप-हिंसा पीड़ितों को अब 10 लाख मुआवजा, एसिड अटैक झेल चुकी महिला का इलाज भी मुफ्त

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Gujarat News, गांधीनगर। नारी संरक्षण की सरकारी कोशिशों के तहत गुजरात में अब रेप, एसिड अटैक अथवा मर्डर की विक्टिम्स को आर्थिक मदद बढ़ा दी गई है। राज्य के गृह विभाग ऐसे किसी भी मामले में मदद 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 7, 8 और 10 लाख रुपए तक करने का फैसला लिया है। रेप व मर्डर पीड़ितों को जहां 5 के बजाए 10 लाख रुपए मिलेंगे, वहीं तेजाब हमले की पीड़ितों को कम से कम 7 लाख रुपए का मुआवजा ​मिलेगा।

Gujarat govt increased compensation in cases of Rape-violent crimes

सभी मामलों में महिलाओं को आर्थिक मदद देंगे

गृह राज्यमंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने बताया कि सरकार ने यौन हिंसा और अन्य अपराधों से प्रभावित महिलाओं की मदद के लिए पीड़ित मुआवजा योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। हत्या और सामूहिक बलात्कार के मामले में इससे पहले इस योजना के तहत, पीडित को 50,000 से 3 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलता था। जो बढ़ा दिया गया है।

50% से अधिक राशि का भुगतान किया जाएगा

राज्य सरकार द्वारा लागू की गई यह नई विक्टिम मुआवजा योजना, अब सभी प्रभावित लोगों की मौत के मामले में, बिना किसी दायित्व के, गैंग रेप के मामले में, एसिड हमलों के मामले में और स्थायी विकलांगता के मामले में किसी भी अंग या शरीर के किसी हिस्से के नुकसान के कारण भुगतान की जाएगी। इसके अलावा, नाबालिग बच्चों के मामले में विक्टिम सहित पोस्को एक्ट के तहत योजना के अनुसार राशि का 50% से अधिक राशि का भुगतान करने का भी निर्णय लिया गया है।

Gujarat govt increased compensation in cases of Rape-violent crimes

किस मामले में कितना मुआवजा, यहां जानिए

बलात्कार के मामले में पीड़िता के लिए 4 से 7 लाख रुपये, सामूहिक बलात्कार के मामले में 5 लाख से 10 लाख रुपये, अकुदरती कृत्य के किस्से में 4 से 7 लाख रुपये, बलात्कार के कारण भ्रृण हत्या होती है तो 2 से 3 लाख रूपये, गर्भधारण के मामले में 3 से 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा। जबकि, किसी व्यक्ति के हमले का शिकार होने पर और आग से जलन की वजह से नुकसान होता है तो पीड़ित को 7 से 8 लाख रुपये, चोट लगने की वजह से नुकसान होता है तो, 3 से 7 लाख रुपये की सहायता दी जायेगी।

तेजाब से जलाई महिला को इतनी मदद देंगे

एसिड हमले के मामले में, यदि पीड़ित को चहरे की विकृति का सामना करना पड़ता है, तो कम से कम मुआवजे के मामले में 7 लाख और अधिकतम मामले में 8 लाख की मदद मिलेगी।

मानव तस्करी के शिकारों को 1 लाख रुपए तक

मानव तस्करी के शिकार लोगों को कम से कम 50 हजार और अधिकतम 1 लाख रुपये का भूगतान किया जायेगा। इसके अलावा गुजरात सरकार ने एसा भी तय किया है कि, प्रत्येक ​पीड़ित को मुख्यमंत्री मा अमृतम योजना के तहत 3 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा व उपचार उपलब्ध कराया जायेगा।

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पीड़ित मुआवजा योजना-2016 लागू

राज्य के गृह विभाग द्वारा पीड़ित मुआवजा योजना-2016 लागू की गई है। जिसमें समय-समय पर राज्य सरकार ने संशोधन किए हैं। यह योजना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कानून विभाग के तहत कार्यान्वित की जाती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण को यौन हिंसा और अन्य अपराधों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष योजना बनाने के लिए कहा गया है। इसके भाग के रूप में, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बनाई गई योजना को लागू करने के लिए कहा था।

Gujarat govt increased compensation in cases of Rape-violent crimes

POCSO अधिनियम पर भी किया विचार

साथ ही, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई किसी भी योजना को कम नहीं कर पाएगी, यह भी स्पष्ट रूप से आदेश में उल्लिखित था और उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार, बच्चों के खिलाफ POCSO अधिनियम निम्नलिखित विक्टिम पर लागू नहीं था, लेकिन राज्य सरकार, POCSO अधिनियम का पालन कर रही है, जिसमें विक्टिम बच्चे भी शामिल हैं।

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English summary
Gujarat govt increased compensation in cases of Rape-violent crimes
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