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1490 मेडिकल स्टूडेंट्स ने देहात में ड्यूटी से किया मना, यहां डॉक्टर सरकारी नहीं निजी क्षेत्र में सर्विस चाहते हैं

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गांधीनगर। गुजरात के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के मुद्दे पर बयान दिया। विधानसभा में नितिन पटेल ने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी तब होती है, जब डॉक्टर सरकारी नौकरियों के बजाए निजी क्षेत्र में काम करना पसंद करते हैं। मंत्री जी ने आगे बताया कि समस्या यहां तक हैं कि 1490 मेडिकल छात्रों ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने से इनकार कर दिया है।

डॉक्टर सरकारी नहीं निजी क्षेत्र में सर्विस चाहते हैं

डॉक्टर सरकारी नहीं निजी क्षेत्र में सर्विस चाहते हैं

बकौल नितिन पटेल, "एक डॉक्टर को शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में स्थानांतरित करना कठिन काम है, क्योंकि कई डॉक्टर शहरों से बाहर नहीं जाना चाहते हैं। अपनी डिग्री प्राप्त करने के बाद, अधिकांश डॉक्टर सरकार में शामिल होने के बजाय एक निजी क्लिनिक या अस्पताल में काम करना पसंद करते हैं। हमने डॉक्टरों के समूहों पर ध्यान दिया है, 10-सदस्यीय डॉक्टर एक साथ मिलकर अपना कॉरपोरेट अस्पताल खोल रहे हैं। सरकार उन्हें नियंत्रित नहीं कर सकती है।कई डॉक्टर पढ़ाई के बाद विदेश चले जाते हैं।"

आदिवासी छात्र भी शहरों में काम करना पसंद करते हैं

आदिवासी छात्र भी शहरों में काम करना पसंद करते हैं

'माँ अमृतम योजना' और 'मां वात्सल्य परियोजना' पर ऊंझा विधायक आशाबेन पटेल द्वारा पूछे गए एक प्रश्न पर चर्चा के दौरान, उप मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कोई भी ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करने के लिए तैयार नहीं होता है। नितीन पटेल ने आदिवासी कांग्रेस के विधायकों से कहा कि आदिवासी छात्र भी शहरों में काम करना पसंद करते हैं, क्योंकि वे अपने बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के अवसरों और शहरी क्षेत्रों में बेहतर जीवन स्तर का हवाला देते हुए डॉक्टर बनते हैं।

सरकार के कॉरपोरेट सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों संग करार

सरकार के कॉरपोरेट सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों संग करार

पटेल ने कहा, "राज्य के सरकारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी उपचार प्रदान करने के लिए सरकार कॉरपोरेट सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ करार कर रही है।"

सरकार ने बांड राशि के रूप में 21.85 करोड़ वसूले

सरकार ने बांड राशि के रूप में 21.85 करोड़ वसूले

चोटीला के विधायक रूत्विक मकवाना के एक सवाल पर राज्य सरकार ने जवाब दिया कि पिछले दो वर्षों में कुल 1,490 मेडिकल छात्रों ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने से इनकार कर दिया है। सरकार ने इन छात्रों से बांड राशि के रूप में 21.85 करोड़ रुपये वसूले। एक अन्य उत्तर में सरकार ने कहा है कि पिछले छह महीनों में सरकार ने तीन साल की ग्रामीण सेवा पूरी करने तक किसी भी डिग्री को वापस लेने की किसी भी संभावना पर विचार नहीं किया है।

यह भी पढ़ें: गुजरात सरकार ने विधानसभा में माना- नर्मदा पाईपलाइन प्रोजेक्ट में हुआ है 83 करोड़ का घपला

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English summary
Gujarat Deputy CM Nitin Patel statement on the issue of lack of doctors in govt hospitals
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