गुजरात में अडाणी पावर ने बढ़ाए बिजली के रेट, उपभोक्ताओं पर 1281 करोड़ का बोझ
Gujarat News in Hindi, गांधीनगर। गुजरात में अडाणी पावर (Adani Power Ltd) की वजह से बिजली उपभोक्ताओं पर 1281 करोड़ रुपए का बोझ पड़ने वाला है। इसकी वजह यह है कि केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) ने अडाणी पावर को 74 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से दरें बढ़ाने की मंजूरी दी है। अडाणी पावर ने 1 अक्टूबर, 2018 से गुजरात सरकार से मंजूरी मिलने बाद से ही इस वसूली को शरू कर दिया था। हालांकि, सीइआरसी द्वारा नियम को मंजूरी दिए जाने के बाद अब यह वृद्धि एकत्र की जा सकती है।

क्या है मंजूरी में, जानिए
सीईआरसी ने 12 अप्रैल, 2019 को अपनी मंजूरी से छह महीने पहले गुजरात सरकार के परिपत्र के आधार पर 74 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इसके साथ, अडाणी पावर के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट को 10 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दिया गया है।
अडाणी को मिली इस वृद्धि से गुजरात के 1.30 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को प्रति मास 106.5 करोड़ और वर्ष में 1281 करोड़ रुपये देने पडेंगे। अडाणी ने अपने नुकसान की तो भरपाई कर ही ली है, गुजरात के बिजली उपभोक्ताओं के उूपर बोझ बढ़ा दिया है। सीईआरसी ने फिक्स चार्ज के रूप में प्रति यूनिट 20 पैसे लेना बंद करने को अडाणी को निर्देश दिया है। फिक्स चार्ज अगर चालू रहता तो प्रति यूनिट अडाणी को 94 रुपये का फायदा होता, लेकिन यह निर्देश के बाद 74 पैसे की वृद्धि हुई है।

साथ ही, पॉवर परचेज एग्रीमेंट के तहत गुजरात सरकार द्वारा 1900 मेगा वाट के बजाय 2400 मेगावाट से अधिक बिजली खरीदी जाएगी। इस प्रकार, 500 मेगावाट बिजली खरीदने के लिए भी समझौते को मंजूरी दी गई है।
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