• search
गांधीनगर न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

प्लास्टिक पर लगेगा देशव्यापी बैन, गुजरात में व्यापारी बोले- सरकार पहले विकल्प दे, फिर कुछ करे

|

गांधीनगर। भारत में सरकार प्लास्टिक के बैग, कप एवं अन्य चीजों पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिनती होने के चलते एक निदान के तौर पर खास रूपरेखा तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर, यानी 2 अक्टूबर से प्लास्टिक से जुड़े 6 आइटमों पर प्रतिबंध लगाए जाने के संकेत दिए जा चुके हैं। वह वर्ष 2022 तक देश में प्लास्टिक के इस्तेमाल के स्तर को बहुत कम कराना चाहते हैं। ऐसे में "प्लास्टिक मुक्त भारत" के स्लोगन सुनाई देने लगे हैं। सरकारी संस्थाओं की कार्रवाई के विरोध में गुजरात में प्लास्टिक निर्माता, विक्रेता और उपभोक्ताओं की बैठक शुरू हो गई हैं। प्लास्टिक के व्यवसायियों का कहना है कि बाजार में उपभोक्ताओं के बीच प्लास्टिक की बड़ी मांग है, यदि इस पर रोक लगी तो ठीक नहीं होगा। सरकार यदि प्लास्टिक-मुक्त राष्ट्र चाहती है, तो हमें कागज की आपूर्ति करानी चाहिए ताकि कागज के थैले बनाए जा सकें।"

प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन बोली- प्लास्टिक पर रोक लगी तो पेड़ कटेंगे?

प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन बोली- प्लास्टिक पर रोक लगी तो पेड़ कटेंगे?

प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों ने यह बात कही है। उन्होंने सरकार को यह चेतावनी भी दी है कि दिवाली त्योहार आते ही प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग बढ़ जायेगा। लोगों को प्लास्टिक बैग की भी जरूरत है। यदि हमें कागज उपलब्ध कराया जाए तो हम दूसरे विकल्प के बारे में सोच सकते हैं, लेकिन हमारे पास कागज के उपयोग के लिए पर्याप्त पेड़ नहीं हैं। कागज के उपयोग के लिये पेड़ों को काटना होगा।

प्लास्टिक निर्माताओं, विक्रेताओं और उपभोक्ताओं पर कार्रवाई शुरू

प्लास्टिक निर्माताओं, विक्रेताओं और उपभोक्ताओं पर कार्रवाई शुरू

इधर, राज्य में प्लास्टिक सामग्री के निर्माताओं, विक्रेताओं और उपभोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने लगी है। जिसे देखते हुए प्लास्टिक सामग्री का उपयोग करने वाले गुजरात के उद्योगपतियों ने सिंगल यूज वाले प्लास्टिक और 50 माइक्रोन तक के प्लास्टिक पर प्रतिबंध के कारण होने वाली समस्याओं पर चर्चा शुरू कर दी हैं। गांधीनगर में एक जगह प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन पर सहमति बनी तो उद्योगपतियों ने कहा कि प्लास्टिक के सिवाए हमारे पास क्या विकल्प उपलब्ध हैं? ऐसा दूसरा अच्छा विकल्प है, जिसके कार्यान्वयन पर कोई विघटनकारी प्रभाव न पड़े?

गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की बैठक

गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की बैठक

बता दें कि, प्लास्टिक के प्रतिबंध पर चर्चा के लिए होटल, रेस्तरां, एफएमसीजी सेक्टर, बेकरी, आइसक्रीम पार्लर, डेयरियां, फ़र्श और मिठाई बनाने वाले प्रतिनिधि गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) में एकत्रित हुए। जहां 50 माइक्रोन तक वाले प्रतिनिधि भी आए। इस बैठक में 50 माइक्रोन तक के प्लास्टिक प्रतिबंध और सिंगल यूज प्लास्टिक के कार्यान्वयन पर आम सहमति बनी।

उठ रहे सवाल, क्या सभी तरह के प्लास्टिक पर रोक है?

उठ रहे सवाल, क्या सभी तरह के प्लास्टिक पर रोक है?

जीसीसीआई में कुछ लोगों के बीच इस बात को लेकर भ्रम रहा है कि क्या अन्य प्लास्टिक पर भी प्रतिबंध है। गुजरात चैंबर ओफ कोमर्स के अध्यक्ष दुर्गेश बूच ने कहा, ''हमें यह भी शिकायत मिली है कि अधिकारियों ने सभी प्रकार के प्लास्टिक पर छापेमारी की है।''

'व्यापारी प्लास्टिक के उत्पादन के बारे में चिंतित'

'व्यापारी प्लास्टिक के उत्पादन के बारे में चिंतित'

''जरूरी तो यह है कि प्लास्टिक पर प्रतिबंध के साथ, उपभोक्ताओं को इस तरह से एक व्यवहार्य विकल्प भी दिया जाना चाहिए। सोर्सिंग सामग्रियों में कोई एकाधिकार नहीं है, क्योंकि राज्य में प्लास्टिक व्यापारी प्लास्टिक के उत्पादन के बारे में चिंतित हैं। क्योंकि त्यौहार का सीज़न भी करीब आ रहा है।"

'अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है, प्रतिबंध का बुरा असर पड़ेगा'

'अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है, प्रतिबंध का बुरा असर पड़ेगा'

वहीं, इस दौरान भोजन पार्सल के लिए प्लास्टिक के विकल्प के रूप में लेने-देने के विकल्पों पर भी चर्चा की गई। व्यवसायियों ने बैठक में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है तब ऐसे कठोर उपायों से व्यापारियों के आत्मविश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए केंद्र सरकार और गुजरात सरकार को उचित विकल्प दिए बिना प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है।'

    मुरादाबाद: प्लास्टिक प्रतिबंध से आये कुम्हारों के अच्छे दिन

    यह भी पढ़ें: दूसरी जाति में शादी करने पर 1 लाख देगी सरकार, CM रुपाणी ने कहा- अब NOC की भी जरूरत नहीं

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    India Govt set to outlaw some single-use plastics, Protest by its manufacturers and traders
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more