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कंपनियां जहां इंप्‍लॉई को है अपने वर्किंग ऑवर्स तय करने की छूट

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बेंगलुरु। जो लोग प्राइवेट सेक्‍टर में हैं उन्‍हें बखूबी मालूम है कि सोमवार से लेकर गुरुवार तक ऑफिस में बैठना कभी-कभी उनके लिए कितना मुश्किल हो जाता है। कभी अपने कुछ काम निकल आते हैं तो कभी किसी का काम करने का मन

ही नहीं करता है।

कभी किसी का दिल करता है कि जल्‍दी घर निकल जाए तो कभी किसी का दिल होता है कि आज थोड़ा लेट जाते हैं। जो वर्किंग ऑवर्स आपके लिए कंपनी ने तय किए हैं आपको उस समय पर ही रिपोर्ट करना होगा और अपना समय खत्‍म करने के बाद ही ऑफिस से निकलने की आजादी है।

अब जरा सोचिए कि आपको ऐसी कंपनी मिल जाए जहां पर एक इंप्‍लॉई के तौर पर अपने वर्किंग ऑवर्स खुद तय कर सकते हैं तो।

आपको लग रहा होगा कि हम आपसे मजाक कर रहे हैं या फिर आप किसी सपने के बारे में सोच रहे हैं। जी नहीं जनाब, न तो हम कोई मजाक कर रहे हैं और न ही आप कोई सपना देख रहे हैं।

भारत में ऐसी कंपनियां हैं जहां पर अगर आप नौकरी कर रहे हैं तो फिर अपने वर्किंग ऑवर्स खुद तय कर सकते हैं। आगे की स्‍लाइड्स पर नजर डालिए और जानिए कौन सी हैं वह कंपनियां जो भारत में भी अपने कर्मियों को इस तरह की छूट देती हैं।

पार्किंग की जगह नहीं तो घर से काम

पार्किंग की जगह नहीं तो घर से काम

इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स फर्म फिलिप्‍स में अगर किसी इंप्‍लॉई को ऑफिस आने के बाद पार्किंग की जगह नहीं मिल रही है तो फिर वह वापस जाकर घर से काम कर सकते हैं। कंपनी का तर्क है कि घर से लॉगिंग करना पार्किंग की जगह तलाशने से ज्‍यादा आसान है। इंप्‍लॉई सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे के बीच किसी भी समय ऑफिस पहुंच सकते हैं।

ट्रैफिक तय करता है वर्किंग ऑवर्स

ट्रैफिक तय करता है वर्किंग ऑवर्स

फ्यूचर ग्रुप में शहर का ट्रैफिक इंप्‍लॉई के वर्किंग ऑवर्स तय करता है। कंपनी में यूं तो सुबह 8:30 बजे से लेकर 10:30 बजे तक के वर्किंग ऑवर्स तय हैं। लेकिन ट्रैफिक की स्थिति बुरी होने पर इसमें बदलाव कर दिए जाते हैं ताकि लोग आसानी से अपने घर पहुंच सकें।

आइए और जब मन हो चले जाइए

आइए और जब मन हो चले जाइए

बेंगलुरु स्थित सैप लैब्‍स में इंप्‍लॉईज के आने और जाने के टाइम पर कोई नजर नहीं रखी जाती है। इंप्‍लॉईज तय करते हैं कि उन्‍हें कब ऑफिस जाना है और कब वहां से निकलना है। सैप इंप्‍लॉई को हफ्ते में एक बार घर से काम करने की अनुमति भी देती है।

इंप्‍लॉईज का जैसा मन वैसा ऑफिस

इंप्‍लॉईज का जैसा मन वैसा ऑफिस

प्राइस वाटर्सहाउस कूपर्स इंडिया के मुंबई में तीन ऑफिस हैं और अब यह कंपनी उत्‍तर प्रदेश के नोएडा में अपना ऑफिस खोलने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अपने इंप्‍लॉईज की सुविधा को देखते हुए ही वर्कप्‍लेसेज तय किए हैं।

फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स

फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स

कोका ओला ने ट्रैफिक से अपने इंप्‍लॉईज को बचाने के लिए फ्लेक्सिबल वर्किंग ऑवर्स रखे हैं। कंपनी में सुबह 8:30 बजे से काम शुरू हो जाता है और शाम 5:15 मिनट पर काम खत्‍म हो जाता है। कंपनी का मानना है कि इंप्‍लॉईज को ट्रैफिक के सिरदर्द से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया।

कहीं से भी करें काम

कहीं से भी करें काम

केपीएमजी इंडिया ने अपने इंप्‍लॉईज के लिए 'वर्क फ्रॉम एनीवेयर' की पॉलिसी रखी है। इंप्‍लॉईज को तब तक ऐसा करने की छूट है जब तक उसकी परफॉर्मेंस पर इसका कोई असर नहीं पड़ता और वह कंपनी के सारे नियमों को फॉलो करता है।

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English summary
Indian companies where employees can decide their working hours. This list includes companies like Philips, Future Group etc.
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