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Bhagat Singh B'Day: जिसने मौत को महबूबा माना

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बेंगलुरू। आज आजादी के उस नायक का जन्मदिन है जिसने मौत को 'महबूबा' और आजादी को 'दुल्हन' माना था, जिसने 'कफन' का सेहरा बांधकर अपनी मां से कहा था 'मेरा रंग दे बंसती चोला'... जी हां हम बात कर रहे हैं भारत मां के सच्चे सपूत भगत सिंह की। जिनके जन्मदिन को लेकर थोड़ा सा विरोधाभास है। विकीपीडिया में भी इनकी जन्मतिथि 27 or 28 सितंबर 1907 लिखी है।

चलिए जानते हैं देश के इस वीर जवान के बारे में कुछ खास बातें...

  • भगत सिंह का जन्म पंजाब के किसान सरदार किशन सिंह के घर हुआ था, इनकी मां का नाम विद्यावती कौर था।
  • 13 अप्रैल 1919 में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड ने एक पढ़ने लिखने वाले सिख लड़के की सोच को ही बदल दिया।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की Biography : जिसने बांधा 'कफन' का सेहरा

    नौजवान भारत सभा की स्थापना

    नौजवान भारत सभा की स्थापना

    • भगत सिंह ने भारत की आज़ादी के लिये नौजवान भारत सभा की स्थापना की थी।
    • इसके बाद भगत सिंह पं.चन्द्रशेखर आजाद के साथ उनकी पार्टी हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन से जुड़ गये थे।
    • जिसके बाद इस संगठन का नाम हो गया था हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन।
    • संगठन का उद्देश्य सेवा और त्याग

      संगठन का उद्देश्य सेवा और त्याग

      • इसके बाद भगत सिंह पं.चन्द्रशेखर आजाद के साथ उनकी पार्टी हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन से जुड़ गये थे।
      • जिसके बाद इस संगठन का नाम हो गया था हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन।
      • इस संगठन का उद्देश्य सेवा, त्याग और पीड़ा झेल सकने वाले नवयुवक तैयार करना था।
      • भगत सिंह को फांसी

        भगत सिंह को फांसी

        1929 में भगत सिंह ने बटुकेश्वर दत्त और राजगुरु के साथ असेंबली में बम धमाके की योजना बनाई। बताया जाता है कि यह बम सिर्फ आजादी की लड़ाई के आगाज की सूचना अंग्रेजों के लिए पहुंचाना था। भगत सिंह और बटुकेश्वर ने एक-एक बम फेंका। धमाके में किसी की मौत नहीं हुई थी। भगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। जेल में कैद रहने के दौरान भगत सिंह ने डायरी और किताबें भी लिखीं। अंग्रेजों ने 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में भगत सिंह को फांसी दे दी थी।

        भगत सिंह से जुड़े कुछ अनछुए तथ्‍य

        भगत सिंह से जुड़े कुछ अनछुए तथ्‍य

        • भगत सिंह जब बच्‍चे थे उस समय से ही वह बंदूकों की खेती करने की बातें करते थे।
        • छोटी उम्र से ही उनके मन में ब्रिटिश राज के खिलाफ विद्रोह की आग थी। जलियांवाला बाग घटना के समय भगत सिंह की उम्र सिर्फ 12 वर्ष थी।
        • घटना वाले दिन वह स्‍कूल से भागकर जलियांवाला बाग पहुंचे।
        • 'इंकलाब जिंदाबाद'

          'इंकलाब जिंदाबाद'

          • उन्‍होंने खून से सनी मिट्टी को एक बोतल में रख लिया था। भगत सिंह रोज इस बोतल की पूजा करते थे।
          • भगत सिंह ने ब्रिटिश राज से लड़ाई के खिलाफ देश को 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा दिया था। भगत सिंह छोटी उम्र से ही समाजवाद से प्रेरित थे।
          • इस विषय पर अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए वह लेनिन और उनकी अगुवाई वाले क्रांतियों के बारे में पढ़ते रहे थे। जिसकी वजह से ही वो नास्तिक बन गए थे।
          • यहां तक कि उन्‍होंनें सिख धर्म से जुड़ी मान्‍यताओं को भी मानना छोड़ दिया था।

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    English summary
    Bhagat Singh's Birthday Today, he was an Indian revolutionary socialist who was influential in the Indian independence movement.here is some Interesting Facts about him.
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