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निकिता की सहेली ने बताई तौसीफ की हकीकत, स्कूल के दिनों से ही पड़ा था पीछे, अंकित बनकर की थी दोस्ती

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फरीदाबाद। बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर के हत्यारोपियों तौसीफ और रेहान को पुलिस ने दो दिनों की रिमांड पर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान तौसीफ ने बताया है कि साल 2018 में उसने निकिता का अपहरण शादी की नीयत से ही किया था। उधर, निकिता की एक सहेली ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि तौसीफ स्कूल के दिनों से ही निकिता से दोस्ती करना चाहता था। तौसीफ ने अपना नाम अंकित बताकर निकिता से दोस्ती की थी। हालांकि, ये बात ज्यादा दिनों तक छुप नहीं पाई।

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    कैसे हुआ तौसीफ की हकीकत का खुलासा?

    कैसे हुआ तौसीफ की हकीकत का खुलासा?

    निकिता के साथ स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि सीनियर क्लास में होने की वजह से निकिता और उसकी दोस्त को कई महीनों तक तौसीफ के असली नाम का पता नहीं लग सका। तौसीफ के असली नाम का पता तब चला जब तौसीफ को उसके एक दोस्त ने स्कूल में उसके असली नाम से पुकारा। छात्रा ने बताया कि तौसीफ स्कूल में सीनियर था। निकिता जब 11वीं क्लास में थी, तब वह 12वीं का छात्र था। इसी वजह से उसका असली नाम नहीं पता था। स्कूल के दिनों से ही तौसीफ निकिता से दोस्ती करना चाहता था।

    तौसीफ ने बताई हत्या की वजह

    तौसीफ ने बताई हत्या की वजह

    फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में 26 अक्टूबर को बीकॉम की छात्रा निकिता तोमर को तौसीफ और रेहान ने कार में अगवा करने की कोशिश की। जब इसमें सफल नहीं हो पाए तो तौसीफ ने निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। मुख्य आरोपी तौसीफ और उसके दोस्त रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में तौसीफ ने बताया कि निकिता किसी और से शादी करने वाली थी, इसलिए उसने उसे मार दिया। बता दें, तौसीफ ने साल 2018 में छात्रा का अपहरण भी किया था, लेकिन बाद में समझौता हो गया था।

    क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच, एसआईटी का गठन

    क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच, एसआईटी का गठन

    पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने बताया कि इस मामले में एसआईटी टीम भी गठित की गई है। क्राइम एसीपी अनिल कुमार के नेतृत्व में गठित यह टीम पूरे मामले की जांच करेगी। हालांकि, परिजनों की मांग पर इस पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस पीड़ित परिवार के साथ है। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह के अनुसार इस मामले में पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं, जिसके आधार पर अदालत में अच्छी पैरवी कर आरोपितों को दोषी साबित करवा कर कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।

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    English summary
    Tausif had friendship with Nikita by hiding his name and religion
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