फरीदाबाद निकिता तोमर हत्याकांड: अदालत में आरोप पत्र पर बहस पूरी, अब 22 जुलाई को होगी सुनवाई
फरीदाबाद। हरियाणा में फरीदाबाद जिले के चर्चित निकिता तोमर अपहरण व हत्याकांड का मामला अदालत में नए सिरे से उठ सकता है। दरअसल, इस कांड के मुख्य आरोपी तौसीफ व रेहान जिन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, के पक्ष ने कोर्ट में आरोप पत्र पर बहस कराई है। बचाव पक्ष के वकील अनीस खान के मुताबिक, उन्होंने आरोपों को लेकर कई अहम सवाल कोर्ट के सामने रखे हैं। अब 22 जुलाई को होने वाली सुनवाई में कोर्ट आरोप पत्र को खारिज भी कर सकती और आरोप तय भी कर सकती है।

अनीस खान ने कहा कि, निकिता केस की जब कोर्ट में सुनवाई हुई थी तो सुनवाई के दौरान हत्यारोपी तौसीफ पुलिस कस्टडी में पेश हुआ था। उसके अलावा उसके पिता जाकिर हुसैन, चाचा जावेद और मां असमीना भी कोर्ट में हाजिर हुए। तब वहां लगभग आधे घंटे तक आरोप पत्र पर बहस हुई। सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश गर्ग की कोर्ट में आरोप पत्र पर बहस पूरी हुई। इसके बाद जज द्वारा सुनवाई की तारीख 22 जुलाई तय कर दी गई। कहा जा रहा है कि, अब कोर्ट 22 जुलाई को जो सुनवाई करेगी...उसमें तौसीफ के पक्ष के आरोप पत्र तय भी हो सकते हैं और खारिज भी। हालांकि, तौसीफ समेत 2 जनों को उम्रकैद हो ही चुकी है।

अक्टूबर 2020 में मारा था निकिता को
गौरतलब हो कि, निकिता तोमर नामक एक छात्रा की पिछले साल फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में हत्या कर दी गई थी। यह घटना कॉलेज से कुछ ही दूर 26 अक्टूबर 2020 को अंजाम दी गई थी। उसे गोली मारी गई थी। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। उसके बाद हत्यारोपी तौसीफ और उसके दोस्त के खिलाफ इस मामले में 55 गवाह पेश किए गए थे, जिसमें 2 बचाव पक्ष की तरफ से भी थे। यह मामला हाइलाइट हो गया था। फिर इस मामले का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुआ था। लंबी बहस के बाद 24 मार्च को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। सुनवाई शुरू होने के 15 मिनट के भीतर ही अदालत ने तौसीफ, रेहान को दोषी करार दे दिया था। उसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई।













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