राजमौली की मेहनत हुई फेल! 'वाराणसी' की कहानी हुई लीक, जिसे पढ़ मेकर्स का माथा घूम जाएगा
Varanasi Movie Story Leaked: एस.एस. राजामौली अपनी फिल्मों में अनोखी और विशाल दुनिया रचने के लिए जाने जाते हैं। उनकी नई फिल्म 'वाराणसी' का फर्स्ट लुक जारी होते ही दर्शकों में हलचल मच गई। महेश बाबू को एक रहस्यमय, समय और सीमाओं से परे यात्रा करते पात्र के रूप में देखकर सोशल मीडिया पर फैंस के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई।

लेटरबॉक्स्ड पर वायरल हुई रहस्यमय सिनॉप्सिस
इसी बीच ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लेटरबॉक्स्ड पर 'वाराणसी' की एक कथित सिनॉप्सिस सामने आई, जिसने पूरी कहानी का खुलासा करने का दावा किया है। इसमें यह सवाल उठाया गया है कि "अगर वाराणसी पर एक एस्टेरॉइड गिर जाए तो फिर क्या?" और क्या दुनिया को बचाने के लिए कोई ऐसा व्यक्ति चाहिए जो अलग-अलग देशों से गुजरते हुए समय की सीमाओं को लांघ सके? हालांकि यह साफ नहीं है कि यह विवरण फिल्म निर्माताओं ने जारी किया है या किसी फैन की कल्पना है, लेकिन इससे इतना तय माना जा रहा है कि फिल्म का आधार टाइम ट्रैवल पर टिका होगा। राजामौली ने टीज़र में भी इसे 'टाइमट्रॉटर' कहा है।
थ्योरी: रुद्र, कुम्भा और रहस्यमय ऊर्जा वायल्स की कहानी
फिलहाल जो थ्योरीज़ इंटरनेट पर सबसे अधिक चर्चा में हैं, उनमें एक कहानी प्रमुख है-जिसमें महेश बाबू का किरदार रुद्र वाराणसी का एक लालची फ्रीलांसर बताया गया है। कथित रूप से एक लकवाग्रस्त अरबपति कुम्भा (पृथ्वीराज सुकुमारन) उसे सात महाद्वीपों में बिखरी हुई एनर्जी वायल्स लाने का काम देता है। ये वायल्स एक एस्टेरॉइड से बनी अनोखी ऊर्जा को संजोए हुए हैं, जिन्हें मिलाकर त्रेतायुग का एक पोर्टल खोला जा सकता है। कुम्भा का दावा है कि वहां उसकी बीमारी का इलाज मौजूद है, मगर रुद्र की पत्नी या प्रेमिका मंदाकिनी (प्रियंका चोपड़ा) को उसकी मंशा पर शक होता है।
त्रेतायुग की दुनिया और रुद्र का परिवर्तन
कहानी के अनुसार, समय के साथ रुद्र को पता चलता है कि कुम्भा इलाज नहीं, बल्कि पौराणिक इतिहास को अपने फायदे के लिए बदलना चाहता है। अंतिम क्षणों में रुद्र विद्रोह कर पोर्टल में प्रवेश करता है और त्रेतायुग पहुँचकर हनुमान, राम और वानर सेना से मिलता है। उनकी मदद से वह कुम्भा को रोकता है और संजीवनी की रक्षा करते हुए पोर्टल को हमेशा के लिए बंद कर देता है।












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