करिश्मा कपूर को छोड़ नहीं पा रहे थे संजय कपूर? चैट ने खोला राज, पुर्तगाल शिफ्ट होना चाहती थीं एक्ट्रेस
Sunjay Kapur and karisma Kapoor: संजय कपूर के 30,000 करोड़ रुपए की संपत्ति विवाद में नई फाइलिंग के बाद ये सवाल उठने लगा है कि क्या करिश्मा कपूर और संजय कपूर असल में पहले से भी ज्यादा करीब थे? क्या तलाक होने के बाद भी करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच नजदीकियां थीं?
संजय कपूर-करिश्मा कपूर के बीच थीं नजदीकियां?
न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट में करिश्मा कपूर के बच्चों द्वारा दायर किए गए मुकदमे में शामिल व्हाट्सऐप चैट और दस्तावेजों से पता चलता है कि दोनों के बीच लगातार पर्सनल बातचीत होती रहती थी। ऐसे में ये संकेत मिलता है कि दोनों के संबंध पहले से ज्यादा गहरे थे।

पुर्तगाल की नागरिकता चाहती थीं करिश्मा कपूर
-रिकॉर्ड में उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार संजय कपूर अपनी एक्स वाइफ करिश्मा कपूर और उनके दोनों बच्चों (बेटी समायरा और बेटा कियान) के लिए पुर्तगाल की नागरिकता दिलाने में मदद कर रहे थे। दस्तावेजों से पता चलता है कि दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर अपने परिवार के लिए विदेशी नागरिकता प्राप्त करने के लिए छिपकर कदम उठा रहे थे।
-मामले में पेश की गई चैट में संजय कपूर ने करिश्मा कपूर से कहा था कि पुर्तगाली पासपोर्ट के लिए उन्हें भारतीय नागरिकता छोड़नी होगी। दरअसल भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई के दौरान इन दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
-दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों द्वारा दायर सिविल केस में नोटिस जारी किया है। ये बच्चे अपने दिवंगत पिता, बिजनेसमैन संजय कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति में अपना हिस्सा मांग रहे हैं।
-न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की बेंच ने प्रतिवादियों को समन जारी करने का आदेश दिया है और दो हफ्ते के अंदर लिखित बयान मांगा है और उसके एक हफ्ते बाद जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने प्रिया सचदेव को अपनी सभी चल-अचल संपत्ति की पूरी लिस्ट भी जमा करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 9 अक्टूबर 2025 को होगी।
-दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है- मामला दर्ज होने के बाद 'लिस पेंडेंस' का नियम लागू होगा। वहीं करिश्मा कपूर के बच्चों ने अपनी मां के माध्यम से आरोप लगाया है कि प्रिया सचदेव ने संजय कपूर की संपत्ति पर पूरा नियंत्रण पाने के लिए उनकी वसीयत में फर्जी हस्ताक्षर किए हैं।
दोनों पक्षों के वकीलों ने कही ऐसी बात
-करिश्मा कपूर और उनके दोनों बच्चों की तरफ से कोर्ट में दलील देते हुए वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा है कि वसीयत पहले नहीं दिखाई गई थी, ये रजिस्टर्ड नहीं है और ताज होटल में इसे जल्दबाजी में पढ़ा गया था।
-वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने इसे संदिग्ध परिस्थितियां बताते हुए कहा है कि कथित तौर पर एग्जीक्यूटर को वसीयत के बारे में एक दिन पहले ही पता चला था और इसकी जानकारी परिवार के एक कर्मचारी से मिली थी।
-वहीं प्रिया सचदेव की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने कहा है कि ये मुकदमा चलने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता पहले से ही ट्रस्ट के लाभार्थी हैं और केस दायर होने से कुछ दिन पहले ही उन्हें 1900 करोड़ रुपये की संपत्ति मिल चुकी है।
-प्रिया सचदेव के वकील राजीव नायर ने कहा- ये लोग सड़क पर आ गए थे क्या? मैं एक विधवा हूं और मेरा 6 साल का बच्चा है। 15 साल तक करिश्मा कपूर क्यों नहीं दिखाई दी थीं? बेंच के सवाल पर राजीव नायर ने पुष्टि की है कि वसीयत उनके पास है। इसे जस्टिस ज्योति सिंह के सामने जांच के लिए रखा गया है और कहा कि वह नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट के आधार पर इसे करिश्मा कपूर के साथ शेयर करने के लिए तैयार हैं।
संजय कपूर की मां ने कही ऐसी बात
इसके अलावा दिवंगत संजय कपूर की मां, रानी कपूर, जो वरिष्ठ वकील वैभव गग्गर के माध्यम से कोर्ट में पेश हुई थीं, ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा- कुछ गड़बड़ हो रही है। मैं 80 साल की हूं और अपने पोते-पोतियों की चिंता करती हूं। मेरे द्वारा बनाया गया ट्रस्ट मेरे लिए कुछ नहीं करता है। बार-बार ईमेल करने के बावजूद, मुझे वसीयत की कोई कॉपी नहीं मिली है।












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