कश्मीर फाइल्स में दिखाए नरसंहार की तुलना की मॉब लिंचिंग से, एक्ट्रेस साई पल्लवी के विवादित बयान से भूचाल
अभिनेत्री साई पल्लवी इन दिनों अपनी फिल्म से ज्यादा अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गई हैं। दरअसल, उन्होंने 'द कश्मीर फाइल्स' में दिखाए नरसंहार की तुलना की मॉब लिंचिंग से कर दी।
मुंबई, 15 जून: तमिल-तेलुगु की मशहूर एक्ट्रेस साई पल्लवी अपनी बात कहने में जरा भी नहीं झिझकती हैं। हाल ही में एक्ट्रेस ने एक ऐसा बयान दिया है जिसको लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरीके की चर्चा हो रही है। दरअसल, एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू के दौरान हिंसा और धर्म के मुद्दे पर बॉलीवुड की चर्चित फिल्म कश्मीर फाइल्स का जिक्र किया।

पल्लवी कश्मीरी फाइल्स पर बड़ा बयान
आपको बता दें कि, फिल्म का जिक्र करते हुए साई पल्लवी ने कहा कि, कश्मीरी फाइल्स में दिखाया गया है कि किस तरह उस समय कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई थी। लेकिन अगर हिंसा को आप धर्म से जोड़ कर देखें तो कुछ दिनों पहले गायों से भरा एक ट्रक ले जा रहे मुस्लिम व्यक्ति को भी पीट कर उसे जय श्री राम के नारे लगाने को कहा गया इन दोनों घटनाओं में फर्क क्या है?
'उत्पीड़ितों की रक्षा करने की आवश्यकता है'
साईं पल्लवी ने यह भी कहा कि, उनके परिवार ने उन्हें एक अच्छा इंसान बनना सिखाया। "आपको उत्पीड़ितों की रक्षा करने की आवश्यकता है। उनका कद महत्वपूर्ण नहीं है। यदि आप एक अच्छे इंसान हैं, तो आपको नहीं लगता कि कोई सही है।"
साई पल्लवी के बयान पर लोगों की प्रतिक्रिया
साई पल्लवी अपने इस विवादित बयान के कारण सुर्खियों में हैं। लोग सोशल मीडिया पर उनको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों ने उनके इस बयान का विरोध किया तो कुछ लोगों उनके इस बयान पर सहमति जताई। एक यूजर ने ट्वीट कर लिखा कि, 'मुझे लगा कि साई पल्लवी एक बुद्धिमान और जमीन से जुड़ी लड़की है। #साईपल्लवी की बेतुकी तुलना से निराश हूं। मुझे लगता है कि मूर्खता स्वाभाविक रूप से स्टारडम के साथ आती है। वहीं एक अन्य यूजर ने उनकी तारीफ कर ट्वीट कर लिखा- हिंसा ही हिंसा है। जो कोई भी किसी भी रूप में प्रतिबद्ध है, चाहे वह किसी भी राजनीतिक संबद्धता से हो। हमें ऐसी अच्छी सामाजिक रूप से जिम्मेदार अभिनेत्री की जरूरत है।












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