Mili Review: मासूम 'मिली' से कोल्ड रूम में -17 डिग्री के टॉर्चर तक... जाह्नवी समेत अन्य किरदारों ने जीता दिल
जाह्नवी कपूर की 'मिली' फिल्म मलयालम फिल्म 'हेलेन' की हिंदी रीमेक है। फिल्म में जाह्नवी कनाडा जाकर नर्स बनने की कोशिश करती हुई दिखती हैं। फिल्म अचानक एक अलग ही मोड़ ले लेती है, जहां से जाह्नवी की जिंदगी ही पलट जाती है।
Mili Review: वैसे तो स्टार किड्स को लेकर जनता का ओपीनियन या फिर रुख इतना भी अच्छा नहीं होता, लेकिन बात अगर टैलेंट की हो, तो फिर लोगों की बोलती भी खुद ब खुद बंद हो जाती है। जाह्नवी कपूर की बात करें, तो खूबसूरत होने के साथ-साथ एक्ट्रेस अपने काम को कितनी अच्छी तरह से करती हैं, उनकी फिल्में इस बात का सबूत हैं। हाल ही में रिलीज हुई एक्ट्रेस की 'मिली' फिल्म रिलीज हुई, जो जाह्नवी के करियर की तीसरे रीमेक है। इस फिल्म से जाह्नवी ने अपनी एक्टिंग को एक और पायदान ऊपर करके अपना काम अच्छा किया है। खुद को पर्दे पर एक आत्मनिर्भर लड़की के तौर पर हमेशा पेश करने वाली जाह्नवी की मिली फिल्म को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

जाह्नवी कपूर की मिली फिल्म मलयालम फिल्म हेलेन की हिंदी रीमेक है। फिल्म में जाह्नवी कनाडा जाकर नर्स बनने की कोशिश करती हुई दिखती हैं। आज के जमाने के उनके पिता इस काम में बेटी का पूरा साथ देते हैं। मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखने वाली मिली के सपने काफी बड़े हैं।
देहरादून की रहने वाली मिली नौडियाल एक आदर्श बेटी हैं, जो कनाडा जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती है। अपने पापा का फाइनेंशियली सहारा बनने के लिए वो अपने सपनों की उड़ान भी भरती है। मिली इंग्लिश की क्लास भी ले रही है, ताकि विदेश जाकर उसका कॉन्फिडेंस कभी डगमगाए ना। मिली चाहती है कि उसका ब्वॉयफ्रेंड भी किसी जॉब में सेटल हो जाए, ताकि शादी में किसी तरह की कोई परेशानी ना हो।
इस प्लानिंग के बीच मिली की लाइफ एक नया मोड़ ले लेती है, जब वो ब्वॉफ्रेंड के साथ ड्रिंग एंड ड्राइव के मामले में फंस जाती है। अगले दिन मिली अपनी जॉब के लिए निकलती है तो लेट नाइट अपने रेस्तरां के कोल्ड फ्रीजर रूम में फंस जाती है।
अब इस रूम से मिली किस तरह सर्वाइव कर पाएगी कहानी इसके इर्द गिर्द ही घूमती है। मिली का कोल्ड फ्रीजर रूम में कितना बुरा हाल हो जाता है, ये बात ट्रेलर में भी साफ देखी जा सकती है। फिल्म का डायरेक्शन मथुकट्टी जेवियर ने किया है। मथुकट्टी हेलेन में भी अपने निर्देशन के लिए नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। हिंदी रीमेक को भी उन्होंने शानदार तरीके से पर्दे पर उतारा है।
फिल्म में उत्तराखंड का देहरादून शहर बड़ी ही खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है। सिनेमैटोग्राफर सुनिल कार्तिकेयन ने बड़ी ही ईमानदारी से काम किया है, जो फिल्म में साफ तौर पर देखा जा सकता है। कोल्ड फ्रीड रूम का हर एक फ्रेम दर्शकों को मिली के दर्द का अच्छी तरह अहसास कराता है।
फिल्म के किरदारों की एक्टिंग की बात की जाए, तो किरदारों ने इसे शानदार तरीके से निभाया है। फिल्म गुड लक जेरी में भी जाह्नवी कपूर अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों का दिल जीत चुकी हैं। लेकिन मिली के दमदार किरदार में जाह्नवी ने दर्शकों के दिलों पर अलग ही छाप छोड़ी है। मनोज पाहवा ने भी अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। बेबस पिता का किरदार उन्होंने भली भांति निभाया है।












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