Praveen Kumar: खेल के मैदान में जीते थे कई पदक, भीम के किरदार को किया अमर, लेकिन तंगहाली में गुजरा अंतिम समय
मुंबई, 08 फरवरी। टीवी पर लोकप्रिय पौराणिक शो महाभारत में भीम का किरदार निभाने वाले प्रवीण कुमार का आज निधन हो गया। 74 साल की उम्र में प्रवीण कुमार ने अंतिम सांस ली। उन्होंने महाभारत सीरियल के अलावा कई फिल्मों में भी काम किया था। प्रवीण कुमार काफी समय से बीमार चल रहे थे। एक इंटरव्यू में कुछ समय पहले प्रवीण कुमार ने कहा था कि मैं काफी समय से घर में हूं, मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती है जिसके चलते खाने में मुझे काफी परहेज करना पड़ता है। मेरी रीढ़ की हड्डी में दिक्कत है। बता दें कि प्रवीण कुमार की पत्नी वीना और उनकी देखभाल करती थीं। प्रवीण कुमार का पूरा नाम प्रवीण कुमार सोबती था और उनका जन्म 6 दिसंबर 1947 में हुआ था। प्रवीण कुमार का जन्म पंजाब के सरहली कलां में हुआ था।
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बेहतरीन खिलाड़ी
प्रवीण कुमार बेहतरीन एक्टर के साथ एक अच्छे खिलाड़ी भी थे। वह हैमर और डिस्कस थ्रो के बेहतरीन खिलाड़ी थे। इसके अलावा उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाया था। बहुत की हम लोग जानते हैं कि प्रवीण कुमार पहले बीएसएफ में थे। खेल में जबरदस्त प्रतिभा को देखते हुए बीएसएफ में प्रवीण कुमार को डिप्टी कमांडेंट की नौकरी मिल गई थी। प्रवीण कुमार ने डिस्कस थ्रो में देश का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने एशियन गेम्स में चार मेडल अपने नाम किए हैं जिसमे दो गोल्ड मेडल भी शामिल है। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में भी प्रवीण कुमार ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। साथ ही दो बार प्रवीण कुमार ने ओलंपिक में भी हिस्सा लिया है।

शानदार अभिनेता
प्रवीण कुमार की एक्टिंग की बात करें तो उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है और कई बेहतरीन किरदार बड़े पर्दे पर निभाए हैं। लेकिन बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय पौराणिक सीरियल महाभारत में प्रवीण कुमार के भीम के किरदार को सबसे ज्यादा पसंद किया गया और लोग उन्हें भीम के नाम से ही जानने लगे। 1988 में शुरू हुए महाभारत सीरियल में भीम का किरदार निभाने वाले प्रवीण कुमार के निधन पर उनके साथी कलाकारों ने दुख जाहिर किया है।

राजनीति में भी आजमाया हाथ
प्रवीण कुमार ने अभिनय और खेल के अलावा राजनीति में भी हाथ आजमाया था। उन्होंने 2013 में आम आदमी पार्टी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। जिसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी के टिकट पर दिल्ली विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया था और वजीरपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन बाद में उन्होंने अगले साल भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया था।

तंगहाली में गुजरा अंतिम समय
प्रवीण कुमार ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पंजाब में जितनी भी सरकारें बनीं मुझे उन सबसे शिकायत है। एशियम गेम्स में मेडल जीतने वालों को सरकार ने पेंशन दिया लेकिन मुझे कोई पेंशन नहीं दी गई। मैने सबसे अधिक गोल्ड मेडल एशियन गेम्स में जीते थे। मैंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। लेकिन इन सबके बाद भी मेरे साथ सौतेला बर्ताव किया गयाा। आखिरी दिनों में प्रवीण कुमार को काफी आर्थिक तंगहाली का सामना करना पड़ा था। उन्होंने सरकारों से मदद की मांग भी की थी लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी थी।












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