'हिंदू राष्ट्र जरूर बनेगा भारत', पत्नी के आरोपों को झेल रहे महाभारत के श्रीकृष्ण Nitish Bharadwaj का बड़ा बयान
Mahabharat Krishna Nitish Bharadwaj Statement: बाबा बागेश्रर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा प्रयागराज में आयोजित की गई़। जिसमें बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' के प्रसिद्ध कलाकारों ने हिस्सा लिया। हिंदू धर्म की पैरवी करते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की हमेशा बात करने वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री के इस कार्यक्रम में महाभारत में कृष्ण का किरदार निभाने वाले नितीश भारद्वाज भी मौजूद थे।
पिछले दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहे नितीश भारद्वाज ने इस कार्यक्रम में भगवत् गीता का जिक्र कर हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का समर्थन किया है। इसके साथ ही हिंदू धर्म की रक्षा और देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की पैरवी की।

नितीश भारद्वाज ने भगवद् गीता का श्लोक का जिक्र करते बोली ये बात
नितीश भारद्वाज ने इस कार्यक्रम में कहा, "मित्रों, महाभारत आज भी चल ही रही है। लेकिन अलग तरह की चल रही है। धर्म की रक्षा की आवश्यकता फिर से पड़ गई है। ये कलियुग है।" श्रीमद्भगवद्गीता का श्लोक याद दिलाते हुए कहा, "इस समय जब धर्म रक्षा और विजय की आस लेकर तुम्हारे सामने खड़ा है, ऐसे समय में निराशा के भाव को अपने मन में आने नहीं देना है। आज परिस्थितियां वैसी ही हैं। भारत और विदेशों में भी। तरह-तरह की शक्तियां काम कर रही हैं। हिंदू धर्म पर आक्रमण हो रहा है।"
"केवल एक धर्म है - हिंदू धर्म"
नितीश भारद्वाज ने इस बात पर जोर दिया कि "जो आदि-अनादि काल से चला आ रहा है वो केवल एक धर्म है - हिंदू धर्म।" भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि इस संस्कृति का अस्तित्व बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, और यदि सनातन वैदिक हिंदू व्यवहार नहीं होता तो अन्य धर्म यहां फलते-फूलते नहीं, न ही आज इनकी हिंदू धर्म पर टिप्पणी करने की हिम्मत होती।
"हिंदू धर्म बांटने का काम नहीं करता"
नितीश भारद्वाज ने भगवद् गीता के उपदेशों का उल्लेख करते हुए समझाया कि हिंदू धर्म बांटने का काम नहीं करता, बल्कि प्रेम का संदेश देता है। उन्होंने कहा, "इसलिए हमारे बीच सिर्फ प्रेम होना चाहिए। जो हमसे प्रेम करेगा हम उन्हीं से करेंगे, वरना हमें छत्रपति शिवाजी महाराज भी बनना आता है। क्योंकि धर्म की रक्षा हमारा कर्तव्य है।"
दुर्योधन' का किरदार निभाने वाले पुनीत इस्सर क्या बोले?
महाभारत में 'दुर्योधन' का किरदार निभाने वाले पुनीत इस्सर भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने भी कहा ऐसी सभाएं हिंदू समाज की जागृति का प्रतीक हैं और भारत निश्चित रूप से एक हिंदू राष्ट्र बनेगा। उन्होंने लोगों, विशेषकर माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को धर्म के बारे में आवश्यक जानकारी दें। उन्होंने लव-जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बहू-बेटियों को बहलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है, और किसी भी स्थिति में ऐसा नहीं होने देना चाहिए।
नितीश भारद्वाज और पत्नी के बीच क्या है विवाद?
नितीश भारद्वाज इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर विवादों में रहे हैं। उनकी दूसरी पत्नी, IAS अधिकारी स्मिता गेट के साथ लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा है, जो तलाक और बच्चों की कस्टडी तक पहुंच चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारद्वाज ने पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न और उन्हें अपनी जुड़वां बेटियों से दूर रखने के आरोप लगाए, यहां तक कि पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। वहीं उनकी पत्नी ने इन आरोपों को "झूठा और दुर्भावनापूर्ण" बताते हुए पलटवार किया और उन पर छवि खराब करने का आरोप लगाया।













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