क्या है LGBT में होने वाली लैवेंडर मैरिज, जिस पर बनी फिल्म 'बधाई दो' की हो रही चर्चा
क्या है LGBT में होने वाली लैवेंडर मैरिज, इस कॉन्सेप्ट पर बनी फिल्म 'बधाई दो' की खूब है चर्चा
मुंबई, 25 फरवरी: राजकुमार राव और भूमि पेडनेकर स्टारर फिल्म बधाई दो हाल ही में रिलीज हुई है। फिल्म में भूमि पेडनेकर एक लेस्बियन महिला तो राजकुमार राव गे शख्स के किरदार में नजर आए हैं। एलजीबीटी कम्युनिटी की कहानी होने की वजह से इस फिल्म की काफी चर्चा हो रही है। इस फिल्म में 'लैवेंडर विवाह' का कॉन्सेप्ट दिखाया गया है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल है कि ये 'लैवेंडर विवाह' क्या होता है।

क्या है लैवेंडर मैरिज का कॉन्सेप्ट?
लैवेंडर मैरिज उस समलैंगिंक आदमी और औरत के बीच की शादी को कहते हैं जो स्ट्रेट नहीं होते हैं। यानी पुरुष महिला की ओर तो महिला पुरुष की ओर आकर्षित नहीं होती है। समलैंगिक होने के बावजूद वो दूसरे लिंग वाले से शादी करते हैं। ऐसा वो इसलिए करते हैं कि उनके समलैंगिक होने की बात समाज को पता ना चले। अमूमन ऐसी शादी करने के पीछे परिवार की समाज में प्रतिष्ठा को बचाना कोशिश होती है।

करीब 100 साल पुराना है चलन
लैवेंडर मैरिज की चर्चा 1920 के दशक में प्रथम विश्व युद्ध से पहले होना शुरू हुई थी। उस दौर में हॉलीवुड स्टार्स के बीच लैवेंडर मैरिज की बात कही गई थी। समलैंगिक शादियों को लेकर समाज में लोगों का नजरिया अच्छा नहीं था तो ये शुरू हुआ था। जिन समाजों में इसे मान्यता मिल गई, वहां ये बंद हो गई। बहुत से समाजों में ये आज भी है।

बधाई दो की कहानी में भी यही है
फिल्म बधाई दो पुलिस अधिकारी शार्दुल और स्पोर्ट्स टीचर सुमन की कहानी है। फिल्म में भूमि सुमन के रोल में हैं, जो स्पोर्ट्स टीचर है, राजकुमार राव फिल्म में पुलिस अफसर बने हैं। भूमि लेस्बियन तो राज कुमार गे के किरदार में हैं। फिल्म में दोनों अपने परिवार वालों और समाज को दिखाने के लिए वो एक दूसरे से शादी करते हैं। 'लैवेंडर विवाह' के कॉन्सेप्ट पर आधारित ये फिल्म 11 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। हर्षवर्धन कुलकर्णी ने इस फिल्म को निर्देशित किया है। फिल्म का निर्माण जंगली पिक्चर्स के बैनर तले किया गया है।












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