जूही चावला ने 5G टेक्नोलॉजी पर तोड़ी चुप्पी, वीडियो में कहा- 'आप तय करेंगे कि ये पब्लिसिटी स्टंट था'
जूही चावला ने 5G टेक्नोलॉजी पर तोड़ी चुप्पी, वीडियो में कहा- 'आप तय करेंगे कि ये पब्लिसिटी स्टंट था'
मुंबई, 09 अगस्त: बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला पिछले दो महीने से 5G मोबाइल टेक्नोलॉजी को लेकर काफी विवादों में थीं। अब जूही चावला ने 5G मोबाइल टेक्नोलॉजी के कार्यान्वयन से संबंधित उनके मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है। जूही चावला ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, यह वक्त की बात है। मैं आपको फैसला करने दूंगी कि क्या यह पब्लिसिटी स्टंट था।' जूही चावला ने दिल्ली हाई कोर्ट में 5G मोबाइल नेटवर्क के खिलाफ याचिका दायर की थी और कहा था कि 5G मोबाइल नेटवर्क से होने वाले रेडिएशन से इंसानों और जानवरों की जान जा सकती है। हालांकि जूही चावला की इस याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा था कि ये 'पब्लिसिटी स्टंट' था। कोर्ट ने जूही चावला समेत 2 अन्य लोगों पर 20 लाख रुपये का फाइन लगाया था।

जूही ने कहा- 'टेक्नोलॉजी के खिलाफ नहीं हूं...'
जूही चावला ने इंस्टाग्राम पर एक 15 मिनट का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को शेयर कर जूही ने कैप्शन में लिखा है, 'यह वक्त की बात है। मैं आपको फैसला करने दूंगी कि क्या यह पब्लिसिटी स्टंट था।' अपने इस वीडियो में जूही चावला ने कहा, वह कभी भी टेक्नॉलजी के खिलाफ नहीं रही हैं, लेकिन अधिकारियों को इस बात की जनाकारी देनी चाहिए कि टेक्नोलॉजी सुरक्षित है या नहीं। जूही चावला ने कहा कहा कि उन्हे खुशी है कि उन्होंने अपने देश के कई साधारण लोगों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के खिलाफ आवाज उठाई।'

जूही ने कहा, 'जून में जो भी कुछ हुआ, उससे झटका लगा है...'
जूही ने कहा कि जून के महीने में कोर्ट में उनके साथ जो भी हुआ है, उससे उनको झटका लगा है। जूही ने अपने वीडियो में कहा, "जून में जो कुछ भी हुआ, उसने मुझे आहत और भ्रमितों जैसा महसूस कराया है। एक तरफ, मेरे लिए निगेटिव खबरें चलाई गईं, गलत प्रचार किया गया तो वहीं दूसरी तरफ अनजान लोगों से दिल को छू लेने वाले संदेश भी मिले, जो असल में मेरी बातों को समझ पाए। ऐसा ही एक संदेश महाराष्ट्र में किसानों के एक समूह का था, जिसने मेरी आंखों में आंसू ला दिए। किसानों के समूह ने मुझे मेरे जुर्माने के लिए 10 हजार रुपये की रकम भी इकट्ठा करके दी थी।''

'मेरे सवाल सच थे, इसलिए दुनिया भड़क गई'
जूही ने कहा, जिन लोगों ने मेरा समर्थन किया है, उन्होंने मुझे अपना आभारी बना दिया है। जब वो सारी बातें खत्म हो गई हैं तो मैं चीजों को और भी स्पष्ट रूप से देख सकती हूं। मैं शांत और मजबूत हो गई हूं क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि मैंने कितना महत्वपूर्ण, सामयिक, प्रासंगिक और प्रभावशाली सवाल उठाया था। अगर ऐसा नहीं होता, तो क्या दुनिया इस तरह से भड़क उठती?"

जूही ने बताया क्यों वह अब तक चुप थीं?
जूही चावला ने कहा है, "मैं अब तक चुप रही क्योंकि मेरा मानना है कि चुप रहने की अपनी एक आवाज होती है। लेकिन अब मैं ईएमएफ तरेंगों से होने वाली नुकसानों के बारे में बताऊंगी।''
वीडियो में जूही चावला ने विस्तार से बताया है कि कैसे उन्होंने इस मुद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों और संसदीय समितियों से संपर्क किया था। जूही ने यह भी बताया है कि सेलुलर टावरों की स्थापना के खिलाफ उनकी लड़ाई कैसे शुरू हुई। जूही चावला ने कहा कि उन्होंने अपने ही घर के ठीक सामने सह्याद्री गेस्ट हाउस में अचानक 14 सेलुलर टावरों को देखा था। जिसके बाद उन्होंने सेलुलर तरंगों के हानिकारक प्रभावों के बारे में एक समाचार रिपोर्ट देखा और जिसमें 5G मोबाइल टेक्नोलॉजी के नुकसान के बारे में बताया गया था।










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