Ghooskhor Pandit Controversy: विरोध देख मेकर्स ने टीजर हटाया, डायरेक्टर नीरज पांडे ने जारी किया बयान
Ghooskhor Pandit Controversy: मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म 'घूसखोर पंडित' अपने शीर्षक को लेकर विवादों में घिर गई है। फिल्म पर एक धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया है। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के लेखक-निर्माता नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए फिल्म का टीज़र हटा लिया है। उन्होंने साफ कहा कि फिल्म का शीर्षक किसी भी जाति, धर्म या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता और इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है।

3 फरवरी को हुआ था फिल्म का ऐलान
नीरज पांडे द्वारा लिखी और निर्मित यह क्राइम थ्रिलर 3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स के एक कार्यक्रम में घोषित की गई थी। टाइटल सामने आते ही सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। शीर्षक को लेकर बढ़े विरोध के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म का नाम धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
नीरज पांडे का पूरा बयान क्या कहता है
नीरज पांडे ने अपने बयान में कहा कि यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है। उन्होंने बताया कि 'पंडित' शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के अनौपचारिक नाम के तौर पर किया गया है। फिल्म की कहानी किसी व्यक्ति के कर्म और फैसलों पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने हर प्रोजेक्ट को जिम्मेदारी और सम्मान के साथ बनाते हैं।
दर्शकों की भावनाओं का किया सम्मान
पांडे ने माना कि फिल्म के शीर्षक से कुछ लोगों को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि मेकर्स दर्शकों की भावनाओं को समझते और सम्मान करते हैं, इसी वजह से फिलहाल सभी प्रचार सामग्री हटाने का फैसला लिया गया है।
क्यों हटाई गई प्रमोशनल सामग्री
नीरज पांडे के मुताबिक, फिल्म को पूरी तरह देखकर और उसके संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि सिर्फ टीज़र या नाम के आधार पर राय बनाई जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही दर्शक फिल्म को उसके असली रूप में देख पाएंगे। फिल्म के खिलाफ दायर याचिका में कहा गया है कि 'पंडित' शब्द को जानबूझकर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ा गया है
इससे ब्राह्मण समुदाय की छवि खराब होती है
अधिवक्ता विनीत जिंदल ने नेटफ्लिक्स पर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग करते हुए इसे साम्प्रदायिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक बताया। याचिकाकर्ता ने दलील में कहा कि फिल्म सामूहिक मानहानि और घृणास्पद भाषा को बढ़ावा दे सकती है, जिससे सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
फिल्म की स्टार कास्ट और टीम
रितेश शाह के निर्देशन में बन रही इस फिल्म के सह-लेखक भी नीरज पांडे हैं।
फिल्म में मनोज बाजपेयी, नुसरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, दिव्या दत्ता जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिलहाल 'घूसखोर पंडित' की रिलीज डेट घोषित नहीं की गई है। अब सबकी नजरें कोर्ट के फैसले और मेकर्स के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।












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