'सरके चुनर' गाने की वजह से मुश्किलों में फंसी नोरा फतेही, जारी हुआ फतवा
फिल्म केडी: द डेविल के एक गाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मौलाना इब्राहिम हुसैन ने इस गाने के खिलाफ फतवा जारी करते हुए इसे इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ बताया। उनके अनुसार, गाने में दिखाए गए कुछ सीन "अभद्र" हैं और इन्हें 'हराम' तथा 'गुनाह-ए-कबीरा' की कैटेगरी में रखा जाना चाहिए।

14 मार्च 2026 को रिलीज हुए इस गाने में संजय दत्त और नोरा फतेही नजर आए। 1970 के दशक के डांस बार थीम पर आधारित इस गाने की कोरियोग्राफी और डबल मीनिंग लिरिक्स को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई। खासकर एक हुक स्टेप और शुरुआती लाइन को कई दर्शकों ने अश्लील बताया।
सरकार और संस्थाओं की सख्ती
बढ़ते विवाद के बीच सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लिया और Central Board of Film Certification को जांच के निर्देश दिए। रिपोर्ट्स के अनुसार, गाने पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है।
इसके अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने भी इस पर चिंता जताई, इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए सख्त रुख अपनाया।
कानूनी और सामाजिक चिंताएं
गाने को लेकर यह भी कहा गया कि इसकी सामग्री नाबालिगों के लिए आसानी से उपलब्ध है, जिससे सामाजिक प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है। कुछ शिकायतों में भारतीय कानूनों और पॉक्सो एक्ट का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। हिंदी वर्जन 'सरके चुनर' के गीतकार रकीब आलम ने विवादित कंटेंट से खुद को अलग बताया। उनका कहना है कि उन्होंने केवल कन्नड़ गाने का अनुवाद किया था, जबकि मूल बोल निर्देशक प्रेम ने लिखे थे। वहीं, निर्देशक की पत्नी रक्षित ने गाने का बचाव करते हुए पुराने डबल मीनिंग गीतों का उदाहरण दिया और सवाल उठाया कि सिर्फ इसी गाने को निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
नोरा फतेही ने बनाई दूरी
नोरा फतेही ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग करते हुए कहा कि उन्हें गाने के मूल अर्थ की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि शूटिंग के समय उन्हें कंटेंट आपत्तिजनक नहीं लगा, क्योंकि वह भाषा नहीं समझती थीं।
नोरा ने फैंस से अपील की कि इस गाने को आगे साझा न करें, क्योंकि इससे विवाद और बढ़ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह से इस तरह के कंटेंट का समर्थन नहीं करती हैं।












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