जाकिर हुसैन के बाद संगीत की दुनिया को एक और सदमा, इस महान फनकार का हुआ निधन, सदमे में फैंस
Pandit Sanjay Ram Marathe passed away: जाकिर हुसैन के बाद एक और बुरी खबर सामने आई है। मशहूर शास्त्रीय गायक और हारमोनियम वादक पंडित संजय राम मराठे के निधन से संगीत जगत शोक की लहर दौड़ गई। 68 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कर दिया।
पंडित संजय राम मराठे महाराष्ट्र के ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को उनके परिवार ने यह दुखद खबर साझा की, जिससे प्रशंसक और इंडस्ट्री गहरे सदमे में है। ये खबर ऐसे वक्त आई है, जब प्रसिद्ध तबला वादक जाकिर हुसैन के निधन से पूरा देश गमगीन है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंडित संजय राम मराठे का निधन रविवार रात 15 दिसंबर को हुआ। उनके परिवार ने पुष्टि की कि उन्हें ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती होने से पहले दिल का दौरा पड़ा था। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद, इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
पंडित संजय राम मराठे की विरासत
पंडित संजय राम मराठे संगीत भूषण पंडित राम मराठे के सबसे बड़े बेटे थे। उन्होंने अपने हारमोनियम कौशल और मधुर आवाज के साथ विश्व स्तर पर अपने लिए एक अनूठी जगह बनाई। भारतीय शास्त्रीय संगीत और रंगमंच में उनके योगदान को व्यापक रूप से मान्यता मिली है, जिससे उन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिले हैं।
उनका निधन संगीत उद्योग की एक और प्रमुख हस्ती उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन के बाद हुआ है। इन दो महान हस्तियों के चले जाने से उनके प्रशंसकों के दिलों में एक बड़ा खालीपन आ गया है।
श्रद्धांजलि अर्पित की गई
पंडित संजय राम मराठे के प्रशंसक और साथी संगीतकार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और संगीत में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद कर रहे हैं। उनकी विरासत उनके परिवार के माध्यम से जारी है, जिसमें उनकी पत्नी, बेटा और पोती शामिल हैं।
2024 में पंडित संजय राम मराठे ने अपने पिता की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। अपने छोटे भाई मुकुंद मराठे के साथ मिलकर उन्होंने इन समारोहों के हिस्से के रूप में मराठी संगीत नाटक 'संगीत मंदारमाला' को पुनर्जीवित किया।












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