'...लोग मुझे ही जिम्मेदार ठहराते', इस वजह से बप्पी दा से नहीं मिल पाईं आशा, अब छलका दर्द
नई दिल्ली, 17 फरवरी: देश की सुर कोकिला और भारतरत्न लता मंगेशकर का 6 फरवरी को निधन हो गया था। इस गम से इंडस्ट्री अभी उबरी भी नहीं थी कि बुधवार को मशहूर सिंगर और कंपोजर बप्पी लहरी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। इसके बाद से बड़ी हस्तियां उनके साथ बिताए पलों को याद कर श्रद्धांजलि दे रही हैं। इस बीच आशा भोसले ने भी अंतिम वक्त में बप्पी दा से नहीं मिल पाने का दुख जाहिर किया है।

ड्राइवर ने कही ये बात
दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने कहा कि वो बप्पी से मिलना चाहती थीं। उन्होंने जाने का मन भी बना लिया था और ड्राइवर को ये बात बताई। इस पर ड्राइवर ने कहा कि अभी कोरोना महामारी काफी फैली हुई है। अगर उनकी मुलाकात के बाद बप्पी दा को कुछ होता है, तो लोग उन्हें ही जिम्मेदार ठहराएंगे। इस पर आशा ने कहा कि वो संक्रमित नहीं हैं, ऐसे में वो भी संक्रमित नहीं होंगे।

आखिर में मान गईं आशा
फिर उनसे कहा गया कि उन्हें ऐसे वक्त में किसी के घर नहीं जाना चाहिए। अगर बप्पी दा को कुछ हुआ तो लोग यही कहेंगे कि आशा यहां आई। इस पर वो भी मान गईं और उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। बाद में उन्हें पता चला कि बप्पी लहरी अब इस दुनिया में नहीं रहे। ये बहुत ही दुख की बात है। लता जी के बाद हमने एक और सिंगर खो दिया। ये म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी क्षति है। इससे म्यूजिक के बहुत से फैन्स प्रभावित हुए हैं।

क्या हुआ था बप्पी दा को?
बप्पी लहरी पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। बीते 15 फरवरी को उनको डिस्चार्ज किया गया था। जिसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। दोबारा उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टर उनकी मौत की वजह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया को बता रहे हैं।

लता दीदी भी थीं बीमार
आपको बता दें कि जनवरी की शुरुआत में लता मंगेशकर भी कोरोना से संक्रमित हुई थीं। इसके बाद उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां पर वो कई दिनों तक वेंटिलेटर पर थीं, लेकिन जनवरी के अंत में उनकी सेहत में कुछ सुधार हुआ। वेंटिलेटर से हटने के बाद फरवरी में वो फिर से गंभीर हो गईं और 6 फरवरी को उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।












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