AR Rahman: 'रहमान एक नंबर के पाखंडी, मुस्लिम राग ना अलापें', ऑस्कर विनिंग कंपोजर पर क्यों भड़के लोग?
AR Rahman: ऑस्कर विनिंग सिंगर और कंपोजर एआर रहमान अपने एक बयान के कारण विवादों में आ गए हैं। दरअसल उन्होंने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि विक्की कौशल स्टारर 'छावा' (Chhaava) समाज को बांटने वाली फिल्म है और उन्हें पिछले आठ सालों में बॉलीवुड में काम नहीं मिल रहा है जिसके पीछे कारण 'सांप्रदायिक' हो सकता है।
जिसके बाद रहमान पर लोग बुरी तरह से भड़क गए तो वहीं कुछ सिंगर्स और एक्टर ने भी उनकी आलोचना की है, जिसमें सबसे तीखी प्रतिक्रिया कंगना रनौत की आई है। उन्होंने जमकर रहमान को लताड़ लगाई है और एक क्लिप शेयर करते हुए बताया है कि 'रहमान ने उनकी फिल्म 'इमरजेंसी' में संगीत देने से मना कर दिया था।'

'पाखंडी और नफरत फैलाने वाला इंसान' (AR Rahman)
उन्होंने अपनी पोस्ट में रहमान को 'पाखंडी' और 'नफरत फैलाने वाला इंसान' कहा है। कंगना ने दावा किया कि वह रहमान को 'इमरजेंसी' की कहानी सुनाना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने उनसे मिलने से मना कर दिया और फिल्म को 'प्रोपगेंडा' बताया। कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, 'मैंने आपसे ज़्यादा नफरत करने वाला इंसान नहीं देखा।'
केंद्रीय मंत्री ने दावे को 'बिल्कुल झूठा' बताया (AR Rahman)
रहमान की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि 'एआर रहमान का आज का यह बयान कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से फिल्म संगीत उद्योग में काम नहीं मिल रहा है, बिल्कुल झूठा है। देश ने उन्हें देश के नंबर एक संगीत निर्देशक के रूप में समर्थन दिया है और स्वीकार किया है।'

'मैं AR Rahman से सहमत नहीं हूं'
तो वहीं जावेद अख्तर ने उन्हें पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया है, उन्होंने कहा कि 'मैं इस बात से सहमत नहीं हूं, और मुझे इस बात पर भी संदेह है कि वह कभी ऐसा कुछ कहेंगे। मैंने कभी ऐसा महसूस नहीं किया। मैं यहां मुंबई में लोगों से मिलता हूं। वे उनका बहुत सम्मान करते हैं।'
शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान कैस टिकते?
जबकि गायक शान ने कहा कि पिछले 30 सालों से उद्योग के तीन सबसे बड़े सुपरस्टार - शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान - सभी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।संगीत इस तरह से काम नहीं करता। अगर ऐसा होता, तो हमारे तीनों सुपरस्टार... आगे नहीं बढ़ते।'
'AR Rahman का बयान बहुत खतरनाक'
इसी तरह, लेखिका शोभा डे ने रहमान की टिप्पणियों को 'बहुत खतरनाक' बताया और इस बात पर जोर दिया कि बॉलीवुड ऐतिहासिक रूप से सांप्रदायिक तनाव से मुक्त एक जगह रहा है।

'संगीत और कला तो हिंदू-मुसलमान नहीं होती'
तो वहीं सोशल मीडिया पर रिएक्शन की भरमार आ गई है। कई यूजर्स ने लिखा है कि 'ए आर रहमान जानबूझकर गंदगी फैला रहे हैं, ये ठीक नहीं है, इतना महान संगीतकर इस तरह की बातें क्यों कर रहा है? संगीत और कला तो हिंदू-मुसलमान नहीं होती है बल्कि इनका मजहब ही एकता और प्रेम है।'












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