Anupam Shyam Unknown Facts: प्रतापगढ़ ने खोया 'अनुपम' बेटा, जिसने कभी नहीं छोड़ा ठेठ अंदाज
प्रतापगढ़, 09 अगस्त। वो भले ही टीवी वालों के लिए स्टार और बॉलीवुड वालों के लिए एक करेक्टर आर्टिस्ट हों लेकिन यूपी के प्रतापगढ़ जिले के लिए वो शान थे, जिनकी फोटो जिले के कई दुकानों में आज भी लगी दिख जाएंगी। जी हां, हम बात कर रहे हैं टीवी और बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अनुपम श्याम ओझा की, जिन्होंने रविवार को लंबी बीमारी के बाद दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। मालूम हो कि वह पिछले कई दिनों से मुंबई के लाइफलाइन अस्पताल में भर्ती थे, उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था , जिसकी वजह से वो कल अपनी जिंदगी से जंग हार गए।

'पहले अंकल नहीं चाचा बोलो'
भले ही उन्होंने बॉलीवुड से हॉलीवुड का सफर तय किया हो लेकिन उन्होंने कभी भी प्रतापगढ़ की धरती का मोह नहीं छोड़ा। वो जब वहां आते और लोगों से मिलते तो उनके मुंह से कभी भी हिंदी या अंग्रेजी के शब्द नहीं निकलते थे, वो हमेशा लोगों से ठेठ प्रतापगढ़ी अंदाज में ही बात करते थे और शायद यही वजह रही कि ना वो प्रतापगढ़ को छोड़ पाए और ना ही प्रतापगढ़ उन्हें कभी भूल पाएगा।
विशेष मेहमान के रूप में पहुंचते थे...
किसी भी शादी या समारोह में जब वो विशेष मेहमान के रूप में पहुंचते थे और अगर उनसे कोई बच्चा ये कहता कि अंकल जी एक सेल्फी चाहिए तो वो बोलते थे जरूर क्लिक करवाऊंगा लेकिन 'पहले अंकल नहीं चाचा बोलो'।

हर किसी ने उनकी आर्थिक मदद करने की कोशिश की
और इसके बाद आप समझ सकते हैं कि इंसान के पास कहने के लिए कुछ होता ही नहीं था। यही कारण रहा कि जब पिछले साल खबर आई थी कि अवध का ये कलाकार अपनी बीमारी के कारण काफी आर्थिक कष्ट झेल रहा है तो प्रतापगढ़ के हर गणमान्य इंसान ने इनकी मदद करने की कोशिश की, चाहे वो बाहुबली राजा भैया हो या फिर प्रतापगढ़ के नगर सेठ। हर किसी ने इनको आर्थिक मदद देने का प्रयास किया क्योंकि किसी भी बड़े स्टार की तरह अनुपम श्याम प्रतापगढ़ के किसी भी आयोजन में शामिल होने के लिए कभी पैसे नहीं लेते थे।

अवध है मेरी पहचान: अनुपम श्याम
टीवी के लोकप्रिय शो 'प्रतिज्ञा ' के सज्जन सिंह का किरदार निभाकर लोगों के दिलों मे खास जगह बनाने वाले अनुपम श्याम ने एक इंटरव्यू में कहा था कि 'शायद सज्जनसिंह का रोल इसलिए प्ले कर पाया क्योंकि मैं खुद अवध से ही हूं, मुझे वो रोल करते वक्त ये कभी लगा ही नहीं कि मैं कोई किरदार निभा रहा हूं।' और इसी वजह से आज प्रतापगढ़ अपने इस कलाकार बेटे के जाने से काफी दुखी है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।

अनुपम श्याम को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था
गौरतलब है कि प्रतापगढ़ के कॉलेज एमडीपीजी से स्नातक करने वाले अनुपम श्याम को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था।मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले अनुपम श्याम ने भारतेंदु एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक ऑर्ट्स से एक्टिंग का कोर्स किया था और इसके बाद वो दूरदर्शन से जुड़ गए। जहां उन्होंने साल 1992 के हिट शो ' माटी के रंग' और 'अमरावती की कहानियां' के कई पायलट एपीसोड में काम किया। इन्हें बॉलीवुड में ब्रेक मिला साल 1996 में आई फिल्म 'दस्तक' से।

ठाकुर सज्जन सिंह ने बनाया घर-घर लोकप्रिय
इसके बाद इन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों जैसे 'हजारों ख्वाइशें ऐसी', 'जख्म', 'दुश्मन', 'बैंडिट क्वीन' , 'लगान' , 'दिल से', 'सत्या' और 'नायक' जैसी फिल्मों में सह कलाकार की भूमिका निभाई लेकिन इसके बाद इन्होंने फिर से टीवी पर वापसी की और 'मन की आवाज प्रतिज्ञा' (2009-2012) में ठाकुर सज्जन सिंह के किरदार को निभाया और इस किरदार ने उनके करियर को वो ऊंचाई दी, जिसका सपना उन्होंने शुरू से देखा था।
कई हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया
अनुपम श्याम ने कई हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है। जिनमें 'द लिटिल बुद्धा', ऑस्कर अवॉर्ड विनिंग 'स्लमडॉग मिलेनियर', 'द वॉरियर' और 'थ्रेड' शामिल हैं। हालांकि बीमारी के बावजूद इन्होंने मार्च 2021 में काम पर वापसी भी की थी और इन दिनों वह स्टार भारत पर आने वाले 'मन की आवाजः प्रतिज्ञा 2' में काम कर रहे थे।












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