Ajit Pawar Funeral: 'बारामती का बेटा' जाते-जाते बॉलीवुड को दे गया ऐसी सौगात, नम हुई लोगों की आंखें
Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को आज यानी 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) को उनके गृह क्षेत्र बारामती (Baramati) में अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ पड़ा था। हर आंख नम थी और हर चेहरा सदमे में नजर आ रहा था।
पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार
बारामती से लेकर मुंबई, दिल्ली और देश के कोने-कोने तक शोक की लहर साफ महसूस की गई। लोग अजित पवार को एक ऐसे नेता के रूप में याद कर रहे हैं जो ईमानदारी, सख्ती और काम के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे।

अंतिम विदाई में राजनीति और फिल्म जगत एक साथ
अजित पवार के अंतिम संस्कार में राजनीति के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज चेहरे भी गमगीन नजर आए। एक्टर रितेश देशमुख शोक में डूबे दिखाई दिए। वहीं आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। अजित पवार के दोनों बेटों जय पवार और पार्थ पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया था।
सियासत के अलावा फिल्मों से भी था गहरा नाता
बहुत कम लोग जानते हैं कि अजित पवार का रिश्ता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं था। उनका फिल्मी दुनिया से भी पुराना और पारिवारिक जुड़ाव रहा है। दरअसल अजित पवार के पिता अनंतराव गोविंदराव पवार दिग्गज नेता शरद पवार के बड़े भाई थे और उन्होंने कभी भारतीय सिनेमा के महान फिल्ममेकर वी. शांताराम के साथ काम किया था।
राजकमल स्टूडियो से जुड़ा था पवार परिवार
-आपको बता दें कि अजित पवार के पिता अनंतराव पवार ने मुंबई के प्रतिष्ठित राजकमल स्टूडियो में बतौर असिस्टेंट सिनेमेटोग्राफर काम किया था। यह वही स्टूडियो है जिसकी स्थापना वी. शांताराम ने साल 1942 में की थी।
-राजकमल स्टूडियो में बनीं फिल्में 'झनक झनक पायल बाजे', 'दो आंखें बारह हाथ', 'नवरंग', 'अमर भूपाली' भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती हैं।
तकनीक और प्रोडक्शन की समझ रखते थे अनंतराव पवार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अनंतराव पवार को फिल्म निर्माण की तकनीकी बारीकियों की गहरी समझ थी। कैमरा वर्क, शूटिंग मैनेजमेंट और प्रोडक्शन प्रोसेस में वह माहिर थे। हालांकि बाद में उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बनाकर कृषि और सहकारी संस्थाओं के क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया था।
अजित पवार की आखिरी सौगात: नासिक फिल्म सिटी
-भले ही अजित पवार ने कम उम्र में पिता अनंतराव पवार को खो दिया था लेकिन फिल्मों से जुड़ा ये संस्कार कहीं न कहीं उनमें भी दिखा था। ऐसे में अक्टूबर 2025 में अजित पवार ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के इगतपुरी में नई फिल्म सिटी के निर्माण को मंजूरी दी थी।
-इस परियोजना का उद्देश्य था मुंबई के गोरेगांव फिल्म सिटी पर दबाव कम करना और स्थानीय युवाओं को रोजगार देना। साथ ही टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा देना। आपको बता दें कि इगतपुरी मुंबई से करीब 2 घंटे की दूरी पर स्थित है और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।
राजनीति से आगे सोचने वाले नेता
अजित पवार को ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा जो सिर्फ सत्ता नहीं सिस्टम और विकास की सोच रखते थे। उनकी मंजूर की गई फिल्म सिटी परियोजना आने वाले वर्षों में हजारों लोगों के लिए रोजगार का जरिया बन सकती है।
महाराष्ट्र ने खोया एक मजबूत स्तंभ
अजित पवार अब पंचतत्व में विलीन हो चुके हैं लेकिन उनका काम, फैसले और सोच हमेशा याद रह जाएंगे। राजनीति, प्रशासन और संस्कृति-तीनों क्षेत्रों में उनका योगदान अमिट रहेगा।












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