छत्तीसगढ़ में खपाई जा रही MP की शराब, 30 लाख का अवैध शराब बरामद, दो साल से हो रही थी सप्लाई
छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस ने 30 लाख का अवैध शराब जप्त किया है। दुर्ग पुलिस के अनुसार मध्यप्रदेश में निर्मित शराब को छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिश की जा रही थी।

छत्तीसगड़ में लंबे समय से अन्य राज्यों का शराब खपाया जा रहा है। यह मुद्दा विधनासभा में भी पर प्रमुखता से उठता रहा है। लेकिन दुर्ग जिले की धमधा पुलिस ने अवैध शराब से भरे एक ट्रक को जब्त किया। ट्रक में 30 लाख रुपए की मध्यप्रदेश में बनी गोवा शराब की पेटियां भरी हुई थी। गाड़ी पकड़ने के बाद चालक ने भिलाई निवासी पम्मा सरदार को शराब का मेन डीलर बताया।

एक ट्रक माल का मिलता था एक लाख
पुलिस के अनुसार यह पम्मा सरदार भिलाई के कैंप 2, 18 नंबर रोड का निवासी है। वाहन चालक के अनुसार पम्मा सरदार लम्बे समय से इस तरह का काम करते आ रहा है। मध्य प्रदेश की अवैध शराब सालों से छत्तीसगढ़ में खपा रहा था। पुलिस द्वारा जांच के दौरान जपत किये गए ट्रक में 30 लाख रुपए की एमपी मेड गोवा शराब लोड थी। इससे पहले भी चालक शराब की तश्करी कर चुका है। ट्रक चालक के अनुसार उसे इस काम के 1 लाख रुपए मिलते थे।
पम्मा सरदार का नाम आया सामने
धमधा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि धमधा क्षेत्र में एक ट्रक और 2 कार में भारी मात्रा में अवैध शराब मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है. जिस पर धमधा पुलिस ने तत्काल एक टीम गठित कर शराब से भरे ट्रक और कार का पीछा करते हुए, ट्रक के सामने अपनी गाड़ी लगाकर तस्करों को रोका और गाड़ियों की तलाशी ली गई। ट्रक और दो कारों से पुलिस ने लगभग 500 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त किया है आरोपियों से जब पुलिस ने पूछताछ की तब दशरथ मीणा ने बताया कि इस शराब का मुख्य डीलर पम्मा सरदार है। जो पिछले दो साल में 250 ट्रक शराब मंगा चुका है। दुर्ग पुलिस ने इस मामले में दशरथ सिंह मीणा (45 साल) निवासी गीता कालोनी चंद्रवती गंज वार्ड 10, इंदौर और विनोद पटेल (42 साल) निवासी वार्ड नंबर 8 हाउसिंग बोर्ड कोहका को गिरफ्तार किया है।

दो सालों से चल रहा अवैध कारोबार
दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने जब आरोपियों से पूछताछ की उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है। वर्तमान में लगभग 30 लाख के शराब जप्त किये गए हैं। आरोपी दशरथ मीणा ने बताया कि वह पिछले दो सालों से एमपी और महाराष्ट्र से अवैध शराब छत्तीसगढ़ में सप्लाई करने का काम कर रहा है। वह शराब की डिलीवरी भिलाई निवासी पम्मा सरदार को करता था। यानी पिछले दो-तीन सालों में पम्मा ने शराब तस्करों से 250 से अधिक ट्रक अवैध शराब की डिलिवरी ली है। यदि इसके कीमत की बात करें तो वह दुर्ग वासियों को अब तक 75 करोड़ रुपए की अवैध शराब पिला चुका है।
आबकारी विभाग की बड़ी लापरवाही
छत्तीसगढ़ कि सीमाएं मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा से लगे हैं। जिसके कारण आसानी से ट्रको में छिपाकर शराब की तश्करी की जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के नाकों में इसकी जांच न होना बड़ी लापरवाही है। जबकि वहां आरटीओ, पुलिस और विशेषकर आबकारी विभाग की तैनाती होती है। पिछले दो सालों से बिना चेकिंग के ट्रकों में शराब छत्तीसगढ़ में खपाए जा रहें हैं।












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