Chhattisgarh में इथेनॉल प्लांट का विरोध, पाटन क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन को दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इथेनॉल प्लांट लगाए जाने का विरोध ग्रामीण द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए लीज रद्द करने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ में ईथेनॉल प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए दुर्ग जिले में संयंत्र का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है लेकिन पाटन क्षेत्र के ग्राम महुदा में इथेनॉल प्लांट लगाए जाने के विरोध में ग्रामीण कर रहें हैं। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए सरपंच पर भी गम्भीर आरोप लगाए हैं। वहीं ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर लीज रद्द करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने सरपंच पर लगाए गम्भीर
ग्रामीणों ने ईथेनॉल प्लांट का विरोध करते हुए महुदा के वर्तमान सरपंच पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार गाँव मे इथेनॉल संयंत्र लगाने के लिये ग्रामसभा का आयोजन किये बिना ही सरपंच ने चोरी छिपे यह फैसला लिया है और गांव की जमीन पर उद्योग लगाने के लिए का प्रस्ताव पास कर दिया है। ग्रामीणों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। वहीं उन्हें सीधे भूमिपूजन के दिन ही इसकी जानकारी मिली।

ग्रामीणों ने किया जमकर विरोध
रायपुर से 12 किलोमीटर दूर ग्राम महुदा में जब संयंत्र लगाने के लिए खुदाई शूरू की गई तब ग्रामीणों ने पहले भी विरोध किया था। कुछ दिन मामला शांत रहा लेकिन दूसरी बार गाँव में प्लांट की शुरुआत के लिए बोर खनन के लिए पहुंचे वाहन को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने इस मामले में पाटन पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। वहीं उन्होंने जमीन का लीज रद्द करने की मांग करते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम भी दिया है। इसके बाद उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
आबंटित भूमि पर हैं सैकड़ो पेड़ और नर्सरी
महुदा के ग्रामीणों ने बताया कि ज्योत्सना ग्रीन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को इथेनॉल संयंत्र लगाने ग्राम पंचायत द्वारा 15 एकड़ जमीन आबंटन किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि जिस जमीन में संयंत्र लगाने की अनुमति दी गई है। उस स्थान पर लगभग 30 सालों से पेड़ लगाकर कर नर्सरी के रूप में संरक्षित कर रहे है।
गांव की जमीन बचाने किया जा रहा प्रदर्शन
जिसके बाद ग्रामीण प्लांट लगाने के विरोध करने 26 सितंबर को जिला कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी पाटन के नाम ज्ञापन सौपा था। जिसमें उन्होंने संयंत्र का नहीं बल्कि गांव के समीप जमीन पर लगाए जाने का विरोध करने की बात लिखी थी। लेकिन इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला लेकिन इस बार ग्रामीणों के विरोध के दौरान प्रदर्शन में शामिल महुदा के पूर्व सरपंच कामता पटेल को पुलिस ने हिरासत में लिया। जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। और एसडीएम कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने कहा है कि गांव की जमीन पर उद्योग नहीं लगने दिया जाएगा।












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