बालोद में किसानों का प्रदर्शन, विधानसभा घेरने निकले ग्रामीण, मंत्री अनिला भेड़िया के आश्वासन से लौटे
बालोद जिले के डोंडीलोहारा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम रेंगाडबरी के ग्रामीण चार दिनों से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। लेकिन आज ग्रामीणों ने पैदल मार्च कर विधानसभा घेरने निकल पड़े। जिसे मंत्री अनिला भेड़िया के आश्वासके बाद स्थगित
बालोद, 24 जुलाई। बालोद जिले के डोंडीलोहारा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम रेंगाडबरी के ग्रामीण चार दिनों से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। लेकिन आज ग्रामीणों ने पैदल मार्च कर विधानसभा घेरने निकल पड़े। जिसे जिला प्रशासन व मंत्री अनिला भेड़िया के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया। अपनी तीन प्रमुख मांगो को लेकर ग्रामीणों ने अनिश्चितकाल प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला
दरअसल रेंगाखार गांव के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर पहले से ही जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिसके बाद लोगों के सब्र का बांध टूट गया है, और पूरा गांव एकजुट होकर शासन प्रशासन और भाजपा, कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन में बैठ गए हैं। किसानों का कहना है कि हमारी मांग किसी सरकार ने अब तक नहीं सुनी है। हम 10 सालों से यह मांग दोहराते आ रहे हैं , लेकिन सरकार सुन नहीं रही है।

भाजपा कांग्रेस के दिग्गज मौजूद
बीते 3 दिनों से ग्रामीणों की हड़ताल जारी है उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनों के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं को आड़े हाथों लिया है। जिसके चलते ग्रामीणों को मनाने आज गांव में भाजपा कांग्रेस के सभी दिग्गज मौजूद थे। इसमें से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर मंत्री प्रतिनिधि पियूष सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि वहां मौजूद है.

पहली मांग- गांव में खुले केंद्रीय बैंक
वनांचल में बसे होने के बावजूद रेंगाडबरी के लोगों को बैंकिंग की सुविधा नसीब नहीं होती है. गांव से 10 किलोमीटर दूर भंवरमरा के बैंक उन्हें जाना पड़ता है। इससे किसानों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है। बैंक खुलवाने की मांग दरअसल में किसानों से संबंधित है। धान बेचने के बाद भुगतान के लिए किसानों को 10 किमी दूर चक्कर काटना पड़ता है। 10 से 12 साल से गांव में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखा खोलने की मांग की जा रही है। अब तक किसी द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसके लिए कई जनप्रतिनिधि तक दरवाजा खटखटा चुके हैं.
दूसरी मांग - मोहड़ जलाशय से मिले पानी
किसानों का कहना है कि "मोहड़ जलाशय" हमारे क्षेत्र में पड़ता है. लेकिन इसका पानी हमको नहीं मिलता है। यह कितना बड़ा दुर्भाग्य है। मोहड़ का पानी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए दिया जाना चाहिए। जबकि सिंचाई विभाग यहां के पानी को निजी क्षेत्र में सप्लाई करता है. जबकि इसमें पहला हक किसानों का है।
तीसरी मांग- गांव के आसपास हो शराबबंदी
ग्रामीणों का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणा पत्र में शराबबंदी करने की मांग की थी. लेकिन कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र का वादा नहीं निभाया है. आज हमारे क्षेत्रों में नशाखोरी बढ़ रही है। विशेषकर ग्रामीणों से महिला वर्ग से यह आवाज आ रही है कि शराब बंदी किया जाए।
विधानसभा घेरने निकले, पुलिस ने रोका
ग्रामीणों को समझाने आज दोनों दलों के नेता व पुलिस प्रशासन गांव पहुंची थी। जहां उन्होंने उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने और बाकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीणों ने आश्वासन से असंतुष्ठ होकर बालोद से पैदल ही विधानसभा घेराव करने निकल पड़े इस दौरान मौसम ने भी किसानों के मार्ग में खलल डालने का प्रयास किया और तेज बारिश के बाद भी ग्रामीण नही रुके। लेकिन करीब 10 किमी आगे नेतामटोला में पुलिस स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को रोककर उनसे बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करने आग्रह किया गया।
मंत्री अनिला भेड़िया के आश्वासन के बाद लौटे ग्रामीण
जनप्रतिनिधियों और पुलिस के समझाइस के बाद भी ग्रामीण लगातार अपनी मांगों पर डटे रहे और विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ने की जिद्द पर अड़े रहे जिसके बाद प्रशासन द्वारा ग्रामीणो की मांगों के संबंध में क्षेत्रीय विधायक व मंत्री अनिला भेड़िया से भी मोबाइल पर गांव के सरपंच और गांव के प्रमुखों ने चर्चा कराया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने मंत्री के आश्वासन पर पैदल मार्च को स्थगित किया। लेकिन ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नही हो जाती गांव में उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।












Click it and Unblock the Notifications