Somnath Bharti को 12 साल पुराने 'मिडनाइट रेड' केस में मिली क्लीन चिट, अफ्रीकी महिलाओं से बदसलूकी का था आरोप
Somnath Bharti Acquitted: दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती को एक बड़े कानूनी मामले में बड़ी जीत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को सोमनाथ भारती और 17 अन्य आरोपियों को 2014 के बहुचर्चित 'खिड़की एक्सटेंशन मिडनाइट रेड' मामले में बरी कर दिया है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है।

क्या था 2014 का Khirki Extension Midnight Raid Case?
यह मामला 15 और 16 जनवरी, 2014 की मध्यरात्रि का है, जब सोमनाथ भारती दिल्ली सरकार में कानून मंत्री थे। सोमनाथ भारती ने अपने समर्थकों के साथ दक्षिण दिल्ली के खिड़की एक्सटेंशन इलाके में एक घर पर मिडनाइट रेड मारा था।
आरोप लगाया गया था कि भारती और उनके समर्थकों ने वहां रहने वाली अफ्रीकी मूल की महिलाओं के साथ बदसलूकी की, उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन यूरिन टेस्ट के लिए मजबूर किया। सोमनाथ भारती का दावा था कि उन्हें स्थानीय निवासियों से शिकायत मिली थी कि उस इलाके में ड्रग्स और वेश्यावृत्ति का रैकेट चल रहा है और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
Rouse Avenue Court ने क्यों किया बरी?
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की कमियों को उजागर किया। कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पीड़ितों (अफ्रीकी महिलाओं) के बयान स्वीकार्य नहीं माने जा सकते क्योंकि वे गवाही देने के लिए अदालत में पेश नहीं हुईं। अदालत ने पाया कि भीड़ द्वारा 'गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने' (Unlawful Assembly) का कोई भी सबूत पेश नहीं किया जा सका। पुलिस द्वारा मामले की प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने में हुई देरी को भी अभियोजन पक्ष तर्कसंगत तरीके से स्पष्ट नहीं कर पाया।
सोमनाथ भारती के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि 2018 में उन पर छेड़छाड़ (IPC 354), दंगा भड़काने (IPC 147) और आपराधिक धमकी (IPC 506) जैसी गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए थे। 12 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, अब वे इन सभी आरोपों से मुक्त हो गए हैं।
आम आदमी पार्टी ने इस फैसले का स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि सोमनाथ भारती केवल एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के रूप में स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करने गए थे, लेकिन उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया। वहीं, विपक्षी दलों ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।












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