'राहुल गांधी अमेरिका में देश विरोधियों से मिले...', स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता पर लगाए गंभीर आरोप
Smriti Irani: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के अमेरिका दौरे पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अमेरिका दौरे के दौरान देश विरोधियों से मिले।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर निशाना साधा है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के अमेरिका दौरे को सवालों के घेरे में लाकर खडा कर दिया। स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी अपने अमेरिका दौरे के दौरान जिस सुनीता विश्वनाथ नामक महिला से मिल रहे हैं, वो 'जॉर्ज सोरोस' द्वारा फंडेड है। इस महिला से राहुल गांधी क्या बात कर रहे थे? इसका खुलासा सिर्फ राहुल गांधी कर सकते हैं।
स्मृति ईरानी ने आगे यह भी कहा कि जॉर्ज सोरोस भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी सरकार को हटाना चाहते हैं। ऐसी क्या मजबूरी थी कि राहुल गांधी ने जॉर्ज सोरोस की एक सहयोगी के साथ अमेरिका में बैठक की। राहुल गांधी उन लोगों से मेलजोल क्यों बढ़ा रहे हैं जिन्हें सोरोस से फंड मिलता है?

स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि यह भी स्पष्ट है कि यह एकमात्र सोरोस कनेक्शन नहीं है। जॉर्ज सोरोस और उनके द्वारा फंडेड संगठनों का राहुल गांधी से मेल-जोल नया नहीं बल्कि पुराना है। ओपन सोसायटी के ग्लोबल अध्यक्ष सलील सेठी, जो जॉर्ज सोरोस के संस्थान के साथ हैं। यह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में थे।
विरोधी ताकतों से मिलकर क्या संदेश देना चाहते हैं राहुल ?
स्मृति ईरानी ने कहा कि अपने राजनीतिक सफर में आज तक ऐसे कोई शख्स नहीं देखा, जो सत्ता के लिए ऐसे लोगों से मिल जाए, जो हिंदुस्तान की व्यवस्थाओं को उखाड़ फेंकने का ऐलान कर चुका हो। जॉर्ज सोरोस और सुनीता विशवनाथ से पूरी जनता वाकिफ है। क्या राहुल गांधी नहीं जानते? यह सवाल मेरा इसलिए नहीं है, कि मैं एक भाजपाई हूं। मैं यह सवाल देश के हर नागरिक से पूछती हूं कि राहुल गांधी विरोधी ताकतों से मिलकर क्या संदेश देना चाहते हैं?
कौन है सुनीता विश्वनाथ?
आपको बता दें कि मानवाधिकार संगठन 'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स' (एचएफएचआर) की सुनीता विश्वनाथ को-फाउंडर हैं। भारतीय अमेरिकी मुस्लिम परिषद (आईएएमसी) जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करती रही हैं। पश्चिम में यह संगठन जमात-आईएसआई (पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी) का एक हिस्सा है। तीन साल पहले अमेरिकी एक्टिविस्ट सुनीता विश्वनाथ की अयोध्या में एंट्री बैन कर दी गई थी। खास बात यह है कि सुनीता विश्वनाथ के संगठन 'वुमेन फॉर अफगान वुमेन' को सोरोस ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से फंडिंग मिलती है।
कौन हैं जॉर्ज सोरोस?
अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसायटी फाउंडेशन पर दूसरे देशों के लोकतंत्र में दखलअंदाजी के आरोप लगते आए हैं। हाल ही में सोरोस ने हाल ही में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। सुनीता विश्वनाथ जॉर्ज सोरोस की प्रतिनिधि के रूप में काम कर रही हैं।












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