दिल्ली की मांग भाखड़ा-ब्यास से बराबर मिले पानी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सुनवाई करेंगे, यथास्थिति बनाए रखें
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को जलापूर्ति मामले में पंजाब-हरियाणा और भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। दिल्ली जल बोर्ड की याचिका को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली को जल की आपूर्ति पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया। कोर्ट ने कहा, "अभी दिल्ली को पानी की आपूर्ति पहले की तरह जारी रखी जाए। कल इस मामले की सुनवाई होगी।"

बता दिया जाए कि, दिल्ली जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें दिल्ली जल बोर्ड द्वारा कहा गया था कि भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड द्वारा मरम्मत-कार्य के चलते नहर के गेट बंद करने के फैसले की वजह से दिल्ली में पानी की कमी हो जाएगी। दिल्ली जल बोर्ड ने कहा कि, भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को ऐसा करने से रोका जाए, क्योंकि यदि नहरों के गेट बंद किए गए तो राष्ट्रीय राजधानी में जल की आपूर्ति में 25% की कमी होगी।
पंजाब-हरियाणा सरकार से संबद्ध भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड दरअसल उक्त परियोजना से जुड़े मरम्मत-कार्य करा रहा है। ऐसे में उनके द्वारा नहर के गेट बंद करने का निर्णय दिल्ली के लिए चिंता का सबब है। दिल्ली में पानी की कमी है और घनी आबादी वाले इस शहर को उपरोक्त स्त्रोत से बड़ी मात्रा में पानी मिलता है। ऐसे में दिल्ली को जल की आपूर्ति पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग दिल्ली जल बोर्ड द्वारा की जा रही है।
तीन राज्य और अलग-अलग सरकारें
भाखड़ा-ब्यास परियोजना से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तीन प्रांतों को फायदा होता है। इन तीनों प्रांतों में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें हैं। पंजाब में कांग्रेस पार्टी सत्ता में है। हरियाणा में भाजपा-जजपा की सरकार है। वहीं, दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। दिल्ली सरकार की अक्सर हरियाणा-पंजाब सरकार पर जलापूर्ति को लेकर अनबन होती रही है।












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