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निर्भया केस: तीन गांठों वाला फंदा तैयार! दोषियों को ऐसे दी जाएगी फांसी

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दिल्ली। दिल्ली गैंगरेप और हत्या मामले में फांसी से पहले शनिवार को निर्भया के चारों दोषियों के के गले की नाप ली गई। गले की साइज के हिसाब से ही जेल प्रशासन फंदा तैयार करेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिहाड़ जेल नंबर-3 में निर्भया के दोषियों को फांसी देने की तैयारी जारी है। दोषियों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा।

    Nirbhaya Case: गुनहगारों के लिए स्पेशल फंदा तैयार, ऐसे दी जाएगी फांसी | वनइंडिया हिंदी
    वजन के हिसाब से बनाया जाता है फंदा

    वजन के हिसाब से बनाया जाता है फंदा

    फांसी के फंदे बनाते वक्त काफी सतर्कता बरती जाती है। फंदे का नाप बाएं कान के नीचे जबड़े के पास से ली जाती है। गांठ वहीं से शुरू होती है। फंदा तैयार करते वक्त वजन का भी ध्यान रखा जाता है और इसी हिसाब से गांठों की संख्या तय होती है। एक फंदे में तीन से पांच गांठ होती है। फांसी पर लटकाए जाने के बाद एक-एक गांठ खुलती जाती है और गर्दन पर फंदा कसता जाता है।

    15 फीट गहरा कुआं

    15 फीट गहरा कुआं

    जेल अधिकारियों के मुताबिक, दोषियों के वजन के हिसाब से फांसी के फंदे की लंबाई भी तय की जाती है। 45 किलो वजन वाले दोषी के फंदे की लंबाई करीब 8 फीट होती है, जबकि 90 या उससे ज्यादा वजन वाले दोषियों के लिए छह फीट का फंदा तैयार किया जाता है। फांसी के तख्ते के नीचे कुएं की गहराई करीब 15 फीट है। लीवर खींचते ही तख्ता खुल जाता है और फंदे पर लटकाए गए दोषी का आधा शरीर कुएं के अंदर चला जाता है और करीब आधे घंटे में उसकी मौत हो जाती है। फांसी के समय जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मेडिकल टीम और मनोचिकित्सक भी मौके पर मौजूद रहते हैं। इसके अलावा दोषियों या कोई अन्य शख्स फांसी घर में नहीं आ सकता।

    जल्लाद बांधेगा दोषियों की टांगें

    जल्लाद बांधेगा दोषियों की टांगें

    जेल का वॉर्डन दोषियों को फांसी के फंदे तक ले जाएगा। इसके बाद जल्लाद दोषियों की टांगों को बांधेगा और मुंह पर कपड़ा पहनाकर फांसी के फंदे को दोषी के गले में डाल दिया जाएगा। मजिस्ट्रेट कागजात देखने के बाद आखिरी बार डेथ वारंट पर साइन करेगा। इसके बाद जेल अधीक्षक के इशारे पर जल्लाद के फांसी घर में लगे लीवर को हटाते ही दोषी फंदे पर लटक जाएंगे। मौत की पुष्टि होने के बाद शव को उतारकर उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। अगर दोषियों के परिवारवालों ने शव लेने के लिए पहले से आवेदन किया होगा तो शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। वहीं, अगर ऐसा नहीं है तो शवों का दोषियों के धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।

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    English summary
    nirbhaya case neck noose measurement of Convicts
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