HC में बोली दिल्ली सरकार- गौतम गंभीर हों या इमरान हुसैन, ऑक्सीजन जमाखोरी पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली, मई 7: कोरोना के बढ़ते केस की वजह से राजधानी दिल्ली में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में इससे जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि वो अदालत और एमिकस क्यूरी द्वारा दिए गए सुझावों के आभारी हैं और उस पर कड़े कदम उठा रहे हैं। वहीं एमिकस क्यूरी नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव ने कोर्ट को बताया कि ऑक्सीजन का मुद्दा धीरे-धीरे सुव्यवस्थित हो रहा है।

राव ने आगे कहा कि हमने बिस्तर की उपलब्धता पर एक तकनीकी कंपनी से बात की है और गूगल मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने दिल्ली सरकार से उनकी बात करवाई है। वहीं सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कोर्ट को टेलीकॉन्स्पेक्टेशन के बारे में अवगत करवाया। मेहरा के मुताबिक जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं और वो घर पर ही क्वांरटीन हैं, उन्हें भी सरकार की ओर से मदद उपलब्ध करवाई जा रही है।
मेहरा ने ऑक्सीजन संयत्रों की स्थित की भी रिपोर्ट कोर्ट को दी और कहा 8 में से 4 शुरू हो गए हैं, जबकि 9 मई तक एक और शुरू हो जाएगा। इसके अलावा जो लोग ऑक्सीजन सिलेंडर जमा कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी, चाहे वो गौतम गंभीर हों या फिर इमरान हुसैन। इस पर हाईकोर्ट ने भी कहा कि अगर किसी ने नियमों का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं कोर्ट ने दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन को ऑक्सीजन सिलेंडर की जमाखोरी के लिए नोटिस भी जारी किया है। साथ ही शनिवार को उनको कोर्ट में पेश होने को कहा। वहीं एक मरीज की ओर से भी आईसीयू बेड को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिस पर उनके वकील एमके गहलोत ने कहा कि मरीज की मौत हो गई है। साथ ही उनकी माता और एक अन्य सदस्य भी नहीं रहे। अब वो मामले में अवमानना का केस करना चाहते हैं, क्योंकि गुरुवार को हाईकोर्ट ने कहा था कि सभी मरीजों को उचित इलाज मिलना चाहिए। कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में सुनवाई की बात कही है।












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