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Delhi School: दिल्ली में बम की धमकी से दहशत, मालवीय नगर और नजफगढ़ समेत 50 स्कूल निशाने पर

Delhi School Bomb Threat: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर स्कूलों को बम धमकी वाले ईमेल से दहशत में डालने की कोशिश हुई है। बुधवार सुबह मालवीय नगर के एसकेवी हौज रानी और करोल बाग के आंध्रा स्कूल को धमकी मेल मिले। इस ईमेल से महज 48 घंटे पहले ही दिल्ली के 32 स्कूलों को इसी तरह की फर्जी धमकियां मिल चुकी थीं।

धमकी के ईमेल के बाद बड़े पैमाने पर दहशत फैल गई और स्कूलों को खाली कराने के अभियान चलाए गए, लेकिन अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये ईमेल फर्जी थे।

schools in Delhi

सोमवार को दिल्ली फायर सर्विस ने कहा कि उन्हें सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12.25 बजे के बीच 32 स्कूलों से कॉल आए, जब उन्हें अपने इनबॉक्स में धमकी भरे ईमेल मिले। इनमें से ज्यादातर स्कूल द्वारका में थे, जिनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, बीजीएस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, श्री वेंकटेश्वर स्कूल, ग्लोबल स्कूल और कई अन्य शामिल थे। डीपीएस द्वारका ने तो बच्चों को घर वापस भेज दिया और दिन भर के लिए स्कूल बंद करने की घोषणा कर दी।

पुलिस को जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला
पुलिस ने बम निरोधक दस्तों और डॉग स्क्वॉड सहित कई टीमों को प्रत्येक परिसर में भेजा था। अधिकारियों ने सब कुछ साफ घोषित करने से पहले गहन तलाशी ली। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि, 'तलाशी अभियान पूरा हो गया है और कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।' उन्होंने आगे कहा कि साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञ अब ईमेल के पीछे के आईपी एड्रेस पर नज़र रख रहे हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी से अब तक दिल्ली-एनसीआर के कम से कम 74 शैक्षणिक संस्थानों, 70 स्कूलों और चार कॉलेजों को बम की धमकियां मिली हैं।

50 स्कूलों को ईमेल के जरिए बनाया निशाना
अकेले जुलाई में ही, रोहिणी, पीतमपुरा, पश्चिम विहार, दक्षिणी दिल्ली और मध्य दिल्ली के लगभग 50 स्कूलों को समन्वित ईमेल की बाढ़ में निशाना बनाया गया, जिसके कारण स्कूलों को खाली कराना पड़ा। हिंदू कॉलेज, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स और आईपी कॉलेज फॉर विमेन जैसे कॉलेज भी प्रभावित हुए।

धमकी भरे मेल के ज़्यादातर मामले फर्जी निकले
पुलिस ने पिछले महीने सेंट स्टीफंस कॉलेज और सेंट थॉमस स्कूल को धमकियां भेजने के आरोप में एक 12 वर्षीय लड़के को भी हिरासत में लिया था। काउंसलिंग के बाद उसे रिहा कर दिया गया। सीनियर अधिकारियों ने कहा कि इनमें से ज़्यादातर मामले फर्जी निकले हैं, लेकिन हर एक की पूरी गंभीरता से जाँच की जा रही है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारी के हवाले से कहा, 'भले ही ये शरारतें हों, लेकिन इनसे छात्रों और अभिभावकों में दहशत फैलती है। हम जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए हर सुराग की जांच कर रहे हैं।'

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