ऑक्सीजन की कमी पर दिल्ली हाईकोर्ट की केंद्र को फटकार, कहा-आप अंधे हो सकते हैं, हम नहीं
नई दिल्ली, मई04: राजधानी दिल्ली कोरोना महामारी के बीच लगातार ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही है। कोर्ट के लगातार दखल के बाद भी दिल्ली के अस्पतालों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि आप अंधे हो सकते हैं, लेकिन हम नहीं।
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हाईकोर्ट में अमिकस क्यूरी राजशेखर राव ने जानकारी दी है कि दिल्ली में कई लोग ऑक्सीजन की कमी की वजह से मर रहे हैं। हाईकोर्ट में एमेकस क्यूरी ने सुझाव दिया है कि कुछ जगह पर ऑक्सीजन को स्टोर किया जा सकता है, जिससे कमी का संकट कम हो। उच्च न्यायालय ने एएसजी चेतन शर्मा को बताया कि यदि महाराष्ट्र में खपत में कमी है, तो इसे दिल्ली में भेजा जा सकता है। एएसजी का कहना है कि सुझाव अच्छी तरह से लिया गया है।
केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था आपको (केंद्र) 700 मीट्रिक टन (ऑक्सीजन) की आपूर्ति होनी चाहिए। यदि आप इस कार्य को नहीं करते हैं, तो आप कोर्ट की अवमानना कर रहे हैं। अब, यह आपका काम है, वहां टैंकर उपलब्ध हैं लेकिन आप यह काम करने को तैयार नहीं हैं। इस पर एएसजी चेतन शर्मा का कहना है कि हम आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि शाम तक दिल्ली में पर्याप्त ऑक्सीजन होगी। सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को बड़ा झटका, रेरा की तरह बनाया गया WBHIRA कानून किया रद्द
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा कि केंद्र को 590 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुँचाना है। दिल्ली सरकार ने अदालत में आरोप लगाया है कि ऑक्सीजन की सप्लाई, टैंकर्स का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है इस पर एएसजी चेतन शर्मा ने उन्हें बयानबाजी में नहीं आने के लिए कहा। जिसके बाद हाईकोर्ट ने एएसजी चेतन शर्मा से कहा, 'माफ कीजिए शर्मा जी।आप अंधे हो सकते हैं, हम नहीं। आप असंवेदनशील कैसे हो सकते हैं? यह एक भावनात्मक मामला है। जीवन दांव पर लगा है।' हाईकोर्ट ने कहा, अगर महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की खपत कम है, तो वहां से टैंकर दिल्ली भेजे जा सकते हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से कहा कि यदि आप (केंद्र) ऑक्सीजन टैंकरों का प्रबंधन आईआईटी या आईआईएम को सौंपते हैं तो आईआईटी या आईआईएम ज्यादा बेहतर काम करेंगे। उच्च न्यायालय ने कहा कि, आज पूरा देश ऑक्सीजन के लिए रो रहा है। न्यायालय ने ऑक्सीजन आपूर्ति पर आईआईएम के विशेषज्ञों और प्रतिभाशाली दिमागों को शामिल करने के लिए केंद्र को सुझाव दिया है।












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