• search
दिल्ली न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

यूपी पुलिस के अफसरों को दिल्ली हाईकोर्ट की लताड़, कहा- आंख दिमाग बंदकर काम करते हो तो इसका इलाज नहीं है

|
Google Oneindia News

दिल्ली, 28 अक्टूबर। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि किसी भी तरह की गैरकानूनी कार्रवाई को यहां बर्दाश्त नहीं करेंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश में जिला शामली की लड़की ने दिल्ली के लड़के के साथ अपनी मर्जी से शादी कर ली जिसके बाद लड़की के परिजनों ने लड़के के पिता और भाई के खिलाफ शामली थाने में अपहरण का केस दर्ज करा दिया था। इस पर शामली पुलिस बिना दिल्ली पुलिस को सूचित किए राजधानी से लड़के के भाई और पिता को उठा ले गई, फिर शामली में ही उनकी गिरफ्तारी दिखा दी। दिल्ली हाइकोर्ट में शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने याचिका डाली जिसमें उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस पति के भाई और पिता को दिल्ली स्थित उनके आवास से उठा ले गई।

जोड़े ने हाईकोर्ट में डाली याचिका

जोड़े ने हाईकोर्ट में डाली याचिका

शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने अपनी याचिका में कहा कि 1 जुलाई 2021 को उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की थी। लड़की के परिजन इस शादी के खिलाफ थे और उन्होंने बार-बार धमकाया था। 6 और 7 अगस्त के बीच की रात को दिल्ली स्थित आवास से शामली पुलिस पति के भाई और पिता को उठाकर ले गई और अभी तक कुछ पता नहीं कि वे कहां हैं? इस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने यूपी पुलिस के अधिकारियों से कहा कि ये काम दिल्ली में नहीं चलेगा, आप दिल्ली आएं और यहां से लोग उठा लें, कह दें कि हमने तो शामली से उठाया था, फिर उनकी गिरफ्तारी दिखा दें। इस तरह के गैरकानूनी काम को दिल्ली में नहीं चलने देंगे।

जज ने कहा- यूपी पुलिस ने हर कदम पर कानून को तोड़ा

जज ने कहा- यूपी पुलिस ने हर कदम पर कानून को तोड़ा

जज ने कहा कि यूपी पुलिस ने हर कदम पर कानून का उल्लंघन किया है। कहा कि दिल्ली में गैरकानूनी कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी और पुलिस को कानून के अनुसार ही काम करना होगा। जज ने यूपी पुलिस के अधिकारियों से कहा, अगर आप बिल्कुल आंख बंद करके और दिमाग बंद करके काम करते हैं तो हमारे पास कोई इलाज नहीं है। आप एक बार जब दिल्ली आएंगे तो पहले लोकल थाने की पुलिस को बताएंगे, उसके बाद कार्रवाई करेंगे। अपनी मर्जी से किसी को उठाकर नहीं ले जा सकते। यही कानून कहता है न? हर कदम पर आपने कानून को तोड़ा, ये चीज दिल्ली में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

यूपी पुलिस के अधिकारियों को हाईकोर्ट ने दी चेतावनी

यूपी पुलिस के अधिकारियों को हाईकोर्ट ने दी चेतावनी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यूपी पुलिस ने उनको सूचित किया कि लड़की की मां की शिकायत पर 6 सितंबर को भारतीय दंड संहिता की धारा 366 के तहत दर्ज किए गए केस में दो की गिरफ्तारी 8 सितंबर को जिला शामली के कुढाना बस स्टैंड से की गई। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा कि यूपी पुलिस ने राजधानी में आने की सूचना उनको नहीं दी थी जबकि प्रेमी जोड़े का कहना है कि उनके दोनों परिजनों को शामली पुलिस दिल्ली से उठा ले गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस से पूछा कि इस केस में कार्रवाई करने से पहले क्या उन्होंने लड़की की उम्र कितनी है, इसकी जांच की थी? जज ने यूपी पुलिस से अधिकारियों से पूछा- क्या आपने पता लगाया कि लड़की बालिग है या नाबालिग, अगर वो बालिग है तो उसकी मर्जी मानी जाएगी या मां-बाप की मर्जी? कब जांच करेंगे आप? आपने शिकायतकर्ता से लड़की की उम्र पर सवाल नहीं पूछा और आरोपियों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया? जज ने यूपी पुलिस के अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि गिरफ्तारी की सही जगह के बारे में तथ्य अदालत के सामने रखें वरना उनके खिलाफ विभागीय जांच बिठा दी जाएगी।

'मैं सारे सीसीटीवी निकलवाकर देखूंगी...'

'मैं सारे सीसीटीवी निकलवाकर देखूंगी...'

जज ने यूपी पुलिस से कहा, आपने तो गिरफ्तारी की जगह कुढाना दिखाया है, मैं सारे सीसीटीवी निकलवा लूंगी और अगर मुझे मिल गया कि शामली से पुलिस दिल्ली आई थी, मैं आप सबके खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी स्टार्ट करा दूंगी। अदालत ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि यूपी पुलिस ने लड़की की तलाश नहीं की, सीधे उसके पति और भाई को गिरफ्तार कर लिया। शामली के थाने में दर्ज केस में साफ लिखा है कि लड़की की उम्र 21 साल है और वो नाबालिग नहीं है। जज ने फटकार लगाते हुए कहा कि अगर आपको या आपके जांच अधिकारी को फाइल नहीं पढ़नी आती है, तो मेरे पास इसका कोई इलाज नहीं है। इसके साथ ही जज ने पुलिस को लड़की का बयान दर्ज करने को कहा, साथ ही ये भी कहा कि लड़की को उत्तर प्रदेश ले जाकर प्रताड़ित नहीं कर सकते, मैं लड़की को दिल्ली के न्यायिक क्षेत्र से बाहर नहीं ले जाने दूंगी।

यूपी पुलिस की कार्रवाई को कोर्ट ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

यूपी पुलिस की कार्रवाई को कोर्ट ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई थी जिसमें अदालत ने शामली थाने के एसएचओ को केस की फाइल के साथ अदालत में हाजिर होने को कहा था। शामली थाने से अधिकारी गुरुवार को अदालत में उपस्थित थे, जहां उनको कड़ी फटकार लगाई गई। 26 अक्टूबर मंगलवार को हुई सुनवाई में भी जज ने फटकारते हुए कहा था कि यह समझ से बाहर है कि बालिग लड़की ने माता-पिता का घर छोड़कर अपनी मर्जी से किसी से शादी की, वह दंड संहिता की धारा 366 के तहत अपराध कैसे हो गया? बिना इस बात का पता लगाए कि लड़की बालिग है कि नहीं, बिना अन्य तथ्यों का पता लगाए केस में गिरफ्तारी करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

गुजरात धर्मांतरण केस: हाईकोर्ट के फैसले में टाइपिंग की गलती से सप्ताहभर जेल में रहे चार आरोपी, अब मिली जमानतगुजरात धर्मांतरण केस: हाईकोर्ट के फैसले में टाइपिंग की गलती से सप्ताहभर जेल में रहे चार आरोपी, अब मिली जमानत

English summary
Delhi Highcourt rebuked UP Police for illegal action
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X