दिल्ली में शुद्ध पेय जल के मॉडल को देखने पहुंचे यूनिसेफ के अधिकारी
दिल्ली में स्वच्छ पेय जल को लेकर प्रदेश की सरकार जबरदस्त काम कर रही है। यही वजह है कि सरकार के इस कामकाज को देखने के लिए यूनिसेफ और केंद्र के अधिकारी दिल्ली पहुंचे।
इस बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली के जल मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ यूनिसेफ के कुछ अधिकारी यहां आए हैं, उनको हमने अपने दिल्ली जल बोर्ड में कैसे वॉटर ट्रीटमेंट होता है, क्वालिटी टेस्टिंग होती है, कैसे उसके नतीजे आते हैं।

यह उन्हें काफी पसंद आय़ा है। इतने बड़े स्तर पर पश्चिमी देशों के भीतर में ऐसा नहीं होता है कि इतने करोड़ों लोगों के लिए पानी हर शहर में उपलब्ध हो। जिस बड़े स्तर पर पानी साफ किया जाता है और लोगों में वितरित किया जाता है वह उनके लिए काफी नया था।
गौर करने वाली बात है कि दिल्ली में शुद्ध पेय जल मुहैया कराने के लिए दिल्ली सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश के जल मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस बाबत जून माह में एलजी को पत्र लिखा था।
उन्होंने मांग की थी कि राजधानी में पानी की सप्लाई बढ़ाने के लिए डीजेबी की मदद करें। डीडीए से हमे एनओसी दिलाई जाए ताकि पानी की सप्लाई बढ़ सके। इसके साथ ही ट्यूबवेल, तालाब और झीलों में पानी को बढ़ाने हमारी मदद की जाए।
दिल्ली में डिमांग और सप्लाई की बात करें तो इसमे तकरीबन 300 एमजीडी का अंतर है। इस अंतर को भरने के लिए दिल्ली सरकार लगातार काम कर रही है। दिल्ली सरकार का कहना है कि केंद्र की हाउसिंग स्कीम की वजह से पानी की मांग और बढ़ेगी।
दिल्ली मुख्य रूप से यमुना और गंगा के पानी पर निर्भर है। यह पानी उसे यूपी और हरियाणा से मिलता है। ऐसे में सरकार पानी की किल्लत को दूर करने के लिए खास प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिससे राजधानी में जल स्तर को बढ़ाया जा सके और पानी की सप्लाई को भी बढ़ाया जा सके।












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