Delhi News: दिल्ली के कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को सरकार देगी ट्रेनिंग, 135 करोड़ खर्च कर खोलेगी रोजगार के नए रास्ते
Delhi Construction Worker Training Scheme: दिल्ली में काम करने वाले लाखों कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों को स्किल्ड बनाने के लिए एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने का फैसला लिया है।
इस योजना के तहत कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की काम करने की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार और ज्यादा कमाई के मौके मिल सकें। सरकार इस पूरे प्रोग्राम पर करीब 135 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

किन वर्कर्स को मिलेगा फायदा
यह स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड यानी DBOCWW में रजिस्टर्ड वर्कर्स के लिए होगा। दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, पहले तीन साल में 1.20 लाख से ज्यादा कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को इस योजना से जोड़ा जाएगा। हर एक वर्कर की ट्रेनिंग पर औसतन करीब 5,880 रुपये खर्च किए जाएंगे।
चयन प्रक्रिया शुरू, कंपनियों को सौंपा जाएगा जिम्मा (Construction Worker Skill Program Delhi)
सरकार ने इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को लागू करने के लिए एजेंसियों और कंपनियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ट्रेनिंग प्रोफेशनल तरीके से कराई जाएगी, ताकि वर्कर्स को सिर्फ सैद्धांतिक नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल जानकारी भी मिल सके। सरकार का फोकस है कि वर्कर्स की स्किल अपग्रेड हो और वे आधुनिक कंस्ट्रक्शन तकनीकों से परिचित हों।
काम पर असर न पड़े, इसलिए दो जगह होगी ट्रेनिंग (On-site Training for Construction Workers)
दिल्ली सरकार ने यह भी ध्यान रखा है कि ट्रेनिंग के कारण वर्कर्स की रोज की कमाई पर असर न पड़े। इसी वजह से ट्रेनिंग दो तरह से दी जाएगी। पहली, वर्कप्लेस यानी जहां वर्कर काम कर रहा है वहीं ट्रेनिंग। इसमें रोज लंच टाइम के दौरान एक घंटे की क्लास होगी। अगर इस दौरान मजदूरी में नुकसान होता है, तो सरकार 35 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान भी करेगी। दूसरी व्यवस्था कैंप के जरिए ट्रेनिंग की होगी।
120 घंटे का कोर्स, प्रैक्टिकल पर जोर (Construction Skill Training Duration)
स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम कुल 120 घंटे या करीब 15 दिन का होगा। वर्कप्लेस पर ट्रेनिंग लेने वालों को रोज एक घंटे की ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल कराया जाएगा। वहीं कैंप में ट्रेनिंग लेने वाले वर्कर्स को 1.5 घंटे की थ्योरी और करीब 6.5 घंटे का प्रैक्टिकल मिलेगा। हर बैच में कम से कम 20 और अधिकतम 50 वर्कर्स शामिल होंगे।
ट्रेनिंग के बाद सर्टिफिकेट भी मिलेगा (Construction Worker Certification)
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वर्कर्स का 8 घंटे का असेसमेंट टेस्ट लिया जाएगा। इस टेस्ट को पास करने पर उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो आगे बेहतर काम और ज्यादा मजदूरी पाने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह कदम कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की नींव माना जा रहा है। स्किल बढ़ेगी, काम की गुणवत्ता सुधरेगी और आमदनी बढ़ने के नए रास्ते खुलेंगे।












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