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Delhi Coaching Incident: RAU's IAS सेंटर में ताक पर थे सभी नियम, ऐसे बनी 3 होनहार छात्रों की कब्रगाह

Delhi Coaching Centre Incident: राजधानी दिल्ली में 27 जुलाई (शनिवार) का दिन आईएएस की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। ओल्ड राजेंद्र नगर के RAU's IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन होनहार छात्रों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही छात्रों का बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी है।

इस हादसे की प्रमुख वजह नियमों को ताक पर रखकर कोचिंग सेंटर चलाना है। जिसमें बेसमेंट में क्लासरूम और लाइब्रेरी, उचित जल निकासी की सुविधा नहीं होना शामिल है। दिल्ली भर के कई कोचिंग सेंटर में पाए जाने वाले सुरक्षा उल्लंघनों इनमें में से कुछ हैं। ये उल्लंघन ओल्ड राजेंद्र नगर में RAU IAS स्टडी सर्कल कोचिंग इंस्टीट्यूट में भी पाए गए हैं।

Delhi coaching centre

तीन छात्रों की मौत के बाद एक बार फिर कोचिंग सेंटर्स की लापरलाही और अनदेखी का मामला उजागर हुआ है।जान गंवाने वालों में यूपी की श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या सोनी और केरल के नवीन दलविन हैं, जो भारी बारिश के कारण सेंटर के बेसमेंट में पानी भर जाने के बाद आई बाढ़ में फंस गए थे।

इस घटना ने छात्रों के बड़े आंदोलन को हवा दे दी, प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कोचिंग संस्थानों के सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

Delhi coaching centre

पांच सालों में दोगुना GST

इस बीच राज्यसभा में साझा किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश भर के कोचिंग सेंटरों से जमा कुल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पिछले पांच सालों में दोगुने से ज्यादा हो गया है। 2019-20 से कोचिंग से इकट्ठा कुल जीएसटी 2,240.73 करोड़ रुपए था। जो 2023-24 में बढ़कर 5,517.45 करोड़ रुपए हो गया।

ऐसे में जानिए RAU IAS स्टडी सर्किल ने किन नियमों का उल्लंघन किया? बेसमेंट निर्माण के नियम क्या हैं? जो जानना चाहिए।

दिल्ली में कितने कोचिंग इंस्टीट्यूट हैं?

पिछले साल जून में मुखर्जी नगर में आग लगने की घटना पर दिल्ली हाईकोर्ट के संज्ञान लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक स्टेट्स रिपोर्ट पेश की, जिसमें उन्होंने जिक्र किया कि दिल्ली में 583 कोचिंग संस्थान चल रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार 583 कोचिंग संस्थानों में से केवल 67 के पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट हैं, जबकि 516 संस्थानों के पास नहीं है।

क्या कोई कोचिंग संस्थान बेसमेंट में क्लास चला सकता है?

बेसमेंट का उपयोग दिल्ली मास्टर प्लान (एमपीडी) 2021 और समय-समय पर संशोधित एकीकृत भवन उप-नियमों के प्रावधानों के अनुसार अग्निशमन अधिकारियों और अन्य वैधानिक निकायों से मंजूरी के अधीन होगा।

एकीकृत भवन उप-नियम 2016 के अनुसार, शैक्षणिक भवन (स्कूल या कॉलेज) के लिए, बेसमेंट या सेलर रूम को अध्ययन या निर्देश के उद्देश्य से डिजाइन, निर्मित, परिवर्तित या उपयोग किया जा सकता है, बशर्ते कि यह फायर सेफ्ची आवश्यकताओं को पूरा करता हो।

Delhi coaching centre

बेसमेंट निर्माण के नियम क्या हैं?

दिल्ली के लिए एकीकृत भवन उपनियम, 2016 में निर्धारित नियमों के अनुसार, बेसमेंट के निर्माण की अनुमति स्वीकृति प्राधिकारी द्वारा दिल्ली मास्टर प्लान/क्षेत्रीय विकास योजना के तहत निर्दिष्ट भूमि उपयोग और अन्य प्रावधानों के अनुसार दी जाएगी।

वो आवश्यकताएं हैं, जिन्हें पूरा करना चाहिए

  • प्रत्येक बेसमेंट, प्रत्येक भाग में, फर्श से बीम के सोफिट तक कम से कम 2.4 मीटर ऊंचा होना चाहिए और न्यूनतम चौड़ाई 2.4 मीटर होनी चाहिए।
  • बेसमेंट के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन प्रदान किया जाना चाहिए।
  • बेसमेंट के ऊपर ग्राउंड फ्लोर का अधिकतम फिनिश लेवल 1.5 मीटर तक होगा और इसे आसपास के औसत ग्राउंड लेवल, ओपन लेवल या सेटबैक लेवल के संबंध में मापा जाएगा।
  • पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी ताकि सतही जल निकासी बेसमेंट में प्रवेश ना करे।
  • बेसमेंट की दीवारें और फर्श जलरोधी होने चाहिए और इस तरह से डिजाइन किए जाने चाहिए कि आसपास की मिट्टी और नमी के प्रभाव, यदि कोई हो, को डिजाइन में ध्यान में रखा जाए और पर्याप्त नमीरोधी उपचार दिया जाए।
  • बेसमेंट तक पहुंच मुख्य या वैकल्पिक सीढ़ी से होगी, जो इमारत तक पहुंच प्रदान करती है।
  • एक से अधिक बेसमेंट वाले सभी प्रकार के भवनों के लिए फायर क्लीयरेंस हासिल करना होगा।
Delhi coaching centre

RAU IAS स्टडी सर्किल ने किन नियमों का उल्लंघन किया?

कोचिंग सेंटर बेसमेंट का यूज लाइब्रेरी के रूप में कर रहा था, भले ही सिविक अथॉरिटी ने कहा था कि इसका यूज स्टोरेज के रूप में किया जा सकता है। कोचिंग सेंटर को इस महीने की शुरुआत में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त हुआ था, जिसमें तीन मंजिला इमारत, इमारत के नीचे स्टिल्ट पार्किंग स्थल और एक बेसमेंट के लिए मंजूरी दी गई थी, जिसका उपयोग स्टोरेज एरिया के रूप में किया जाना था। वहीं कोचिंग सेंटर के मालिक ने माना कि इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में जल निकासी की कोई सुविधा नहीं थी। यह भी बताया गया है कि इसमें केवल एक एंट्री और एग्जिट प्वाइंट था।

कोचिंग सेंटर का मार्केट साइज क्या है?

रिपोर्ट के अनुसार देश में कोचिंग इंडस्ट्री 58,088 करोड़ रुपए की है, जिसमें सिविल सेवा कोचिंग संस्थान 3,000 करोड़ रुपए का योगदान देता है। दिल्ली को अक्सर यूपीएससी-सीएसई कोचिंग का केंद्र माना जाता है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और देश के दक्षिणी हिस्सों सहित कई राज्यों से लाखों छात्र राजेंद्र नगर और मुखर्जी नगर में कोचिंग संस्थानों में पढ़ने के लिए दिल्ली आते हैं। 24 जुलाई, 2024 को राज्यसभा में दिए गए जवाब में राजस्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में कोचिंग संस्थानों से 5517.45 करोड़ रुपए का जीएसटी इकट्ठा करना साझा किया है।

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