दिल्ली: कनॉट प्लेस में लगा देश का पहला स्मॉग टॉवर, CM केजरीवाल ने किया उद्घाटन, जानें प्रदूषण को कैसे कम करेगा

दिल्ली: कनॉट प्लेस में लगा देश का पहला स्मॉग टॉवर, CM केजरीवाल ने किया उद्घाटन

नई दिल्ली, 23 अगस्त: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में देश का पहला स्मॉग टॉवर लगाया गया है। ये स्मॉग टॉवर कनॉट प्लेस इलाके में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर लगाया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस स्मॉग टॉवर का उद्घाटन सोमवार (23 अगस्त) को किया है। इस दौरान उनके साथ दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय मौजूद थे। दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने स्मॉग टॉवर का उद्घाटन करने के बाद कहा, प्रदूषण से लड़ने और दिल्ली की हवा साफ करने के लिए आज दिल्ली में देश का पहला स्मॉग टॉवर लगाया जा रहा है। इस तकनीक को हमने अमेरिका से आयात किया है। ये स्मॉग टॉवर 24 मीटर ऊंचा है। ये किलोमीटर के दायरे की हवा को साफ करेगा।''

जानें दिल्ली में लगे स्मॉग टॉवर की खासियत

जानें दिल्ली में लगे स्मॉग टॉवर की खासियत

ये स्मॉग टॉवर प्रति सेकंड 1000 क्यूबिक मीटर हवा को साफ कर सकता है। लेकिन ये कितना प्रभावी है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि पंजाब और हरियाणा से दिल्ली के रास्ते में खेतों में जलाने वाली पलारी का धुआं कितना आता है। दिल्ली में प्रदूषण के लिए किया गया ये अब तक का सबसे बड़ा प्रायोगिक विज्ञान है।

20 करोड़ की खर्च में लगा स्मॉग टॉवर

20 करोड़ की खर्च में लगा स्मॉग टॉवर

राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने में मदद करने के लिए दिल्ली कैबिनेट ने अक्टूबर 2020 में इस स्मॉग टॉवर वाले परियोजना को मंजूरी दी थी। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पिछले हफ्ते कहा था कि इस स्मॉग टॉवर की कीमत 20 करोड़ रुपये है। इस टावर को दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित किया गया है।

 स्मॉग टावर कितना प्रभावशाली है? जांच के लिए होगा रिसर्च

स्मॉग टावर कितना प्रभावशाली है? जांच के लिए होगा रिसर्च

एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि स्मॉग टावर का संचालन शुरू होने के बाद इसकी प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए दो साल का अध्ययन किया जाएगा, इसके संचालन की निगरानी के लिए साइट पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।

कोरोना की वजह से स्मॉग टॉवर लगाने में हुई देरी

कोरोना की वजह से स्मॉग टॉवर लगाने में हुई देरी

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि विशेषज्ञ प्रदूषण पर इसके प्रभाव का पता लगाएंगे। उसके बाद सामने आए नतीजों के आधार पर हम और उपकरण लगाने पर फैसला करेंगे। गोपाल राय ने कहा था कि कोरोनो वायरस महामारी के कारण स्मॉग टॉवर के निर्माण कार्य में देरी हुई है।

स्मॉग टावर के बारे में ये बातें आपको जरूर जाननी चाहिए?

स्मॉग टावर के बारे में ये बातें आपको जरूर जाननी चाहिए?

-स्मॉग टावर बड़े पैमाने पर एयर प्यूरीफायर के रूप में काम करने के लिए डिजाइन की गई है। ये हवा को फिल्टर करने के लिए कई लयरों का इस्तेमाल करती है।

-जब स्मॉग टावर में प्रदूषित हवा एंटर करता है तो ये स्मॉग टावर वापस उसे फिर से वातावरण में भेजने से पहले कई लयरों में साफ करता है।

- ऐसा ही एक और टावर आनंद विहार में भी बनाया गया है, जो दिल्ली में प्रदूषण के हॉटस्पॉट में से एक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, 25 मीटर ऊंचे टावर के अगस्त के अंत तक चालू होने की उम्मीद है।

- दोनों टावरों का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (टीपीएल) ने आईआईटी बॉम्बे की तकनीकी सहायता और आईआईटी दिल्ली के सहयोग से किया है।

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