दिल्ली में प्रदूषण पिछले 5 सालों के मुकाबले सबसे कम रहा, हमारा लक्ष्य इसे खत्म करना: केजरीवाल
नई दिल्ली। दिवाली के त्यौहार के दौरान होने वाली आतिशबाजी से ध्वनि और वायु प्रदूषण के खतरनाक स्थिति में पहुंचने की आशंकाओं के बीच राजधानी दिल्ली के लिए राहतभरी खबर आई। पिछले 5 सालाें के मुकाबले दिल्ली में इस दिवाली वायु प्रदूषण सबसे कम रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार रात 11 बजे समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 337 था। इसके बाद सोमवार सुबह 10:30 बजे यह 345 तक हो गया। जिस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान आया। केजरीवाल ने कहा कि 'दीवाली पर प्रदूषण पिछले 5 सालों में सबसे कम रहा है। मगर, हमारा लक्ष्य प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पाना है।'

2018 में एक्यूआई 600 के पार चला गया था
वहीं, पिछले साल इन्हीं दिनों 2018 में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 600 के पार चला गया था, जाे सुरक्षित स्तर का 12 गुना था। aqicn.org के मुताबिक, मंगलवार सुबह यानी 29 अक्टूबर को दिल्ली के आरके पुरम इलाके में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। 12 बजे तक हवा में पीएम की मात्रा 246 तक हो गई। जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदेह है। इससे पहले दिवाली के दौरान यह कम रही थी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की 'वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली' (सफर) का अनुमान इस मामले में गलत रहा। सफर की ओर से कहा गया था कि पटाखे फोड़ने व प्रतिकूल मौसम के कारण रविवार रात एक बजे से सुबह छह बजे तक 401 से 500 के बीच रहेगा। हालांकि, यह कम रहा।












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