Delhi News: CAG रिपोर्ट पर BJP ने AAP सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, विधानसभा सत्र बुलाने की दी चेतावनी
Delhi News: भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने मांग की है कि आप सरकार दो दिन के भीतर 14 लंबित सीएजी रिपोर्ट पेश करने के लिए दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए। गुप्ता ने चेतावनी दी कि अगर यह मांग पूरी नहीं हुई तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप इन रिपोर्ट को पेश करने से बचती रही तो भाजपा विरोध प्रदर्शन करेगी।
गुप्ता ने आप सरकार पर गलत काम करते हुए पकड़े जाने का आरोप लगाते हुए कहा,'आप सरकार रंगे हाथों पकड़ी गई है और उसकी पोल खुल गई है और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ये 14 रिपोर्ट उसके ताबूत में आखिरी कील साबित होंगी।' उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इन रिपोर्ट को सदन में पेश न करना लोकतांत्रिक मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है।

लंबित रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई
भाजपा ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दिल्ली सरकार को विधानसभा में ये रिपोर्ट पेश करने का आदेश देने की मांग की है। इन रिपोर्ट में शराब नीति और वायु प्रदूषण जैसे मुद्दों पर ऑडिट शामिल हैं। भाजपा विधायकों की ओर से राष्ट्रपति से मुलाकात सहित विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को उठाने के बार-बार प्रयास करने के बावजूद दिल्ली सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री आतिशी से भी इन रिपोर्ट को पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है, जो कथित तौर पर 18 महीने से अधिक समय से लंबित हैं। गुप्ता ने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर अनुपालन नहीं होता है, तो 'भाजपा दिल्ली सरकार को रिपोर्ट पेश करने के लिए मजबूर करने के लिए उचित निर्देश मांगने के लिए एक बार फिर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।'
राजनीतिक तनाव बढ़ा
इन आरोपों के बारे में AAP की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई। इन रिपोर्ट को पेश करने पर भाजपा का जोर आप को चुनाव से पूर्व राजनीतिक दबाव में लाने की उसकी रणनीति का हिस्सा लगती है। गुप्ता का दावा है कि इस रिपोर्ट को पेश करने से बचना लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों की "हत्या" करने जैसा है।
इस वजह से आम आदमी पार्टी सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि भाजपा ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे आगे कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक प्रदर्शन करेंगे। विधानसभा चुनावों से पहले इस मुद्दे की वजह से आप के सामने नई चुनौती खड़ी हो रही है।












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