जब तक संसद सत्र चलेगा, तब तक मोदी सरकार के पास सोचने-समझने का समय है: राकेश टिकैत
नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने संसद में शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र को लेकर बयान दिया। टिकैत ने आज कहा कि, जब तक संसद का सत्र चलेगा तब तक सरकार के पास सोचने और समझने का समय है। आगे आंदोलन कैसे चलाना है उसका फ़ैसला हम संसद चलने पर लेंगे।

गाज़ीपुर बॉर्डर से किसान नेता राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि, हमारे आंदोलन की रूपरेखा क्या होगी उसका फ़ैसला भी 27 नवंबर को हाने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में होगा। इससे पहले टिकैत ने कहा था कि, सरकार ने अपने कानूनों को वापस करने का फैसला तो कर लिया, लेकिन ये हमारा समाधान नहीं हैं। टिकैत ने कल तेलंगाना में कहा, "देश में किसानों की जो समस्या है, वह वैसी की वैसी है। जब तक केंद्र सरकार किसानों से बातचीत नहीं करेगी और एमएसपी पर क़ानून नहीं लाएगी, तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।

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बकौल राकेश टिकैत, "किसान आंदोलनकारियों की ओर से हमने सरकार के समक्ष मांगे रखीं हैं। सरकार उन मांगों को पूरा करे, इसके लिए उसे हमने 26 जनवरी तक का समय दिया है। हमारा धरनास्थल खाली नहीं होगा, बल्कि आने वाले 29 नवंबर को हम किसान भाइयों के साथ 60 ट्रैक्टर लेकर संसद भवन की ओर मार्च करेंगे।"
पत्रकारों द्वारा यह कहे जाने पर कि सरकार ने तो कानून वापस ले लिए हैं, तब उन्होंने कहा कि, "हां..सरकार ने तीन कृषि क़ानूनों को रद्द करने का फ़ैसला किया है, लेकिन इससे हमारा समाधान नहीं होगा। हमारा समाधान एमएसपी की गारंटी मिलने पर होगा। सरकार को किसानों से बात करनी होगी।"
'किसानों का पूरा समर्थन मिला'
किसान संगठनों के "भारत बंद" को लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, हमारा 'भारत बंद' सफल रहा। उन्होंने कहा कि, हमें किसानों का पूरा समर्थन मिला। टिकैत ने कहा कि, हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि सरकार बातचीत करे..हम सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन कोई बातचीत नहीं हो रही।\












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