दिल्ली: अंतिम संस्कार की तैयारी हो चुकी थी पूरी, तभी अर्थी पर लेटे बुजुर्ग ने खोल दी आंखें
नई दिल्ली, 27 दिसंबर: राजधानी दिल्ली के नरेला में एक बुजुर्ग को मृत समझकर परिजन उनका अंतिम संस्कार करने जा रहे थे कि तभी उन्होंने आंखें खोल दीं। इससे इस बुजुर्ग के परिजन और रिश्तेदार चौंक गए और उनको फिर से अस्पताल लेकर पहुंचे। जिसके बाद उनको फिर से अस्पताल मे भर्ती कर लिया गया और उनका इलाज हो रहा है। मामले में अस्पताल की लापरवाही की बात भी कुछ लोगों की ओर से कही गई है।

नरेला के टिकरी खुर्द गांव के 62 साल के एक बुजुर्ग सतीश भारद्वाज काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनको कैंसर होने की वजह से वो वेंटिलेटर पर थे। वेंटिलेटर पर खर्चा ज्यादा था तो परिवार अस्पताल से घर लेकर चला गया था। घर ले जाने पर सोमवार को परिवार को लगा कि बुजुर्ग की मौत हो गई है। इसके बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की गई। जब तैयारी पूरी हो गई और उनको श्मसान घाट लाया गया तो कुछ लोगों ने देखा कि बुजुर्ग के चेहरे पर कुछ हरकत हो रही है और वो धीरे धीरे आंखें खोल रहे हैं। इस पर देखते ही देखते वहां लोग जमा हो गए।
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इसके बाद श्मसान से ही बुजुर्ग के परिजनों ने एंबुलेंस को बुलाया और पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद फिर बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने माना कि वो जीवित हैं और उनका इलाज शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग की मौत नहीं हुई, वो तो जिंदा ही थे। उनको डॉक्टरी सलाह के बिना परिवार वालों ने डिस्चार्ज कराया था। अस्पताल ने डिस्चार्ज करते वक्त डिस्चार्ज पेपर पर भी ये लिखा है कि मरीज को बिना डॉक्टरी सलाह के ले जाया गया है। ऐसे में शुरुआती तौर पर अस्पताल की लापरवाही का मामला नहीं लग रहा है।












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