100 साल पुराने कब्रिस्तान को लेकर केजरीवाल और मोदी सरकार आमने-सामने
आप विधायक अमानतुल्ला खान ने राजस्व विभाग के दस्तावेजी रिकॉर्ड के हवाले से कहा कि कब्रिस्तान की आठ बीघा जमीन पर दिल्ली वक्फ बोर्ड का मालिकाना हक है, इसके बावजूद भूमि एवं विकास विभाग यहां से अतिक्रमण के नाम पर बोर्ड के कर्मचारियों के आवास हटाना चाहता है।
नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार और केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर से आमने-सामने हैं। इस बार मामला एक 100 साल पुराने कब्रिस्तान का है। दरअसल मध्य दिल्ली के माता सुंदरी रोड स्थित एक कब्रिस्तान पर अपना मालिकाना हक बताते हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय यहां से अतिक्रमण हटाना चाहता है। वहीं, दिल्ली सरकार इस कब्रिस्तान के मालिकाना हक से संबंधित तथ्यों को सामने रखते हुए कानून-व्यवस्था का हवाला देकर अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रही है।

इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार की राजस्व सचिव और वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष मनीषा सक्सेना ने पत्र लिखकर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अधीन भूमि एवं विकास विभाग के निदेशक को परामर्श दिया है कि इस कब्रिस्तान का ऐतिहासिक महत्व है, इसलिए इसपर कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। दूसरी तरफ आप विधायक अमानतुल्ला खान ने राजस्व विभाग के दस्तावेजी रिकॉर्ड के हवाले से कहा कि कब्रिस्तान की आठ बीघा जमीन पर दिल्ली वक्फ बोर्ड का मालिकाना हक है, इसके बावजूद भूमि एवं विकास विभाग यहां से अतिक्रमण के नाम पर बोर्ड के कर्मचारियों के आवास हटाना चाहता है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी कई मुद्दों पर दिल्ली और केंद्र सरकार आमने-सामने आ चुकी हैं। दिल्ली सरकार लगातार आरोप लगाती रही है कि एलजी के जरिए केंद्र सरकार उन्हें काम करने से रोकती है। इससे पहले दिल्ली सरकार के अधिकार, विधायकों की सैलरी और एसीबी को लेकर केजरीवाल और मोदी सरकार में ठन चुकी है।












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